सहरसा पुलिस ने अपराध और नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड स्तर पर सफलता हासिल की है। बिहार के सहरसा जिले में चलाए गए इस महा-अभियान में सहरसा पुलिस ने नशा तस्करों, मानव तस्करों और अपराधियों के खिलाफ लगातार छापेमारी की। सहरसा पुलिस की इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये के नशीले पदार्थ और शराब जब्त किए गए हैं। साथ ही कई नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष और सहरसा एसपी हिमांशु के नेतृत्व में यह अभियान जनवरी से 8 मई तक चलाया गया। इस दौरान “नशा मुक्ति अभियान”, “ऑपरेशन मुस्कान” और “ऑपरेशन नया सवेरा” के तहत पुलिस ने लगातार कार्रवाई की।
करोड़ों का ड्रग्स और शराब जब्त
सहरसा पुलिस ने विशेष अभियान के दौरान 448 नशा तस्करों और अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस के अनुसार इस दौरान करीब 2 करोड़ 92 लाख 64 हजार रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
सबसे बड़ी बरामदगी स्मैक की रही। पुलिस ने 672 ग्राम स्मैक जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 34 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अलावा 44 किलो गांजा भी बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 22 लाख रुपये है। पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़ी खेप भी पकड़ी, जिसकी कीमत करीब 23 लाख रुपये आंकी गई।
शराब माफियाओं पर भी बड़ी कार्रवाई
अवैध शराब कारोबार के खिलाफ भी पुलिस ने कड़ा अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान करीब 10 हजार लीटर देसी और विदेशी शराब जब्त की गई।
जब्त शराब की कुल कीमत 1 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। पुलिस ने कई अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त किया और 62 वाहनों को भी जब्त किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।
ऑपरेशन नया सवेरा में 18 लड़कियां मुक्त
सहरसा पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि “ऑपरेशन नया सवेरा” को माना जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की।
पुलिस ने छापेमारी कर 18 नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 6 लड़कियां सारण जिले के ऑर्केस्ट्रा समूह से मुक्त कराई गईं।
वहीं 5 लड़कियों को रेड लाइट एरिया से छुड़ाया गया, जहां उन्हें सेक्स रैकेट में धकेला जा रहा था। पुलिस ने इन मामलों में कई संदिग्धों से पूछताछ भी की है।
ईंट भट्ठे से 68 बंधुआ मजदूरों को कराया मुक्त
मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक बड़ी छापेमारी चुन्ना मुखिया के ईंट भट्ठे पर की। यहां से 19 परिवारों के 68 लोगों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया।
पुलिस के मुताबिक इन लोगों से लंबे समय से जबरन काम कराया जा रहा था। सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर प्रशासन की निगरानी में रखा गया है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के नेटवर्क को लेकर जांच और तेज कर दी गई है।
ऑपरेशन मुस्कान से 425 लोगों को राहत
सहरसा पुलिस ने केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि आम लोगों को राहत पहुंचाने का भी काम किया।
“ऑपरेशन मुस्कान” के तहत पुलिस ने अब तक 425 गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए हैं।
इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 71 लाख 84 हजार रुपये बताई गई है। हाल ही में फेज-8 अभियान के तहत 73 मोबाइल फोन लोगों को लौटाए गए, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये थी।
मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों ने पुलिस अभियान की सराहना की और इसे भरोसा बढ़ाने वाला कदम बताया।
अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में चर्चा
सहरसा पुलिस का यह महा-अभियान अब पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया है। नशा तस्करी, मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक साथ हुई कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर बड़ी सफलता माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार निगरानी, स्थानीय सूचना तंत्र और संयुक्त अभियान की वजह से पुलिस को यह सफलता मिली है। आने वाले समय में ऐसे अभियानों को अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
