पटना में पेट्रोल-डीजल के दाम ने एक बार फिर आम लोगों को बड़ा झटका दिया है। बिहार की राजधानी में पेट्रोल-डीजल के दाम में 2 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी होने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। नई दरों के मुताबिक पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर हो गया है। बढ़ी हुई कीमतें सुबह 6 बजे से लागू कर दी गईं।
सुबह गाड़ी में तेल भरवाने पहुंचे कई लोग अचानक बढ़ी कीमत देखकर हैरान नजर आए। पेट्रोल पंपों पर लोगों के बीच महंगाई और लगातार बढ़ती लागत को लेकर चर्चा भी होती रही। बीते कुछ दिनों में लगातार चौथी बार कीमत बढ़ने से मध्यम वर्ग और रोजाना वाहन चलाने वालों पर सीधा असर पड़ रहा है।
पेट्रोल और डीजल के दाम में कितनी बढ़ोतरी हुई?
नई दरों के अनुसार पटना में पेट्रोल की कीमत में 2.88 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। वहीं डीजल 2.83 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है।
अब राजधानी में पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। खासकर नौकरीपेशा और छोटे व्यापारियों के लिए यह चिंता का विषय बनता जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का दिख रहा असर
जानकारों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल बाजार पर साफ दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अस्थिरता के कारण कई देशों में ईंधन महंगा हो रहा है।
भारत में भी इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और टैक्स संरचना के आधार पर दाम तय करती हैं। ऐसे में वैश्विक स्तर पर किसी भी बड़े घटनाक्रम का असर आम लोगों की जेब तक पहुंच जाता है।
मई महीने में चौथी बार बढ़े दाम
इस महीने यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 23 मई को भी तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई थीं। उस समय पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था।
वहीं 19 मई को भी करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा देखने को मिला था। लगातार बढ़ रही कीमतों से वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ रही है। कई लोगों का कहना है कि बार-बार बढ़ोतरी से घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
आम लोगों और कारोबार पर क्या असर पड़ेगा?
ईंधन महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। सब्जी, फल, दूध और अन्य जरूरी सामानों की ढुलाई महंगी होने से बाजार में महंगाई और बढ़ने की आशंका रहती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे ऑटो, टैक्सी और मालवाहक सेवाओं का किराया भी प्रभावित हो सकता है।
पेट्रोल पंपों पर दिखी लोगों की प्रतिक्रिया
सुबह के समय पेट्रोल पंपों पर कई लोग अचानक नई कीमत देखकर चौंक गए। कुछ लोगों ने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब निजी वाहन चलाना महंगा पड़ रहा है।
कई उपभोक्ताओं का मानना है कि ईंधन की कीमतों में बार-बार बदलाव से घर का बजट बिगड़ रहा है। खासकर रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
आगे क्या रह सकती है स्थिति?
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले समय में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। सरकार और तेल कंपनियों की अगली रणनीति पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
फिलहाल बिहार समेत कई राज्यों में बढ़ी हुई कीमतों ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा महंगाई और घरेलू खर्च के लिहाज से बड़ा विषय बन सकता है।
