मुरादाबाद के पाकबड़ा क्षेत्र में पाकबड़ा दुल्हन फरार मामला ने सभी को हैरान कर दिया है। पाकबड़ा दुल्हन फरार मामला में शादी के महज 15 दिन बाद ही नवविवाहिता अपने पति को छोड़ प्रेमी के साथ जाने पर अड़ गई। दुल्हन जेवर और नकदी लेकर घर से निकल गई थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। थाने में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत के बावजूद दुल्हन ने पति के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया।
15 दिन पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, पाकबड़ा निवासी एक मजदूर की शादी 10 अप्रैल को हुई थी।
शादी के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा। परिवार को किसी तरह की परेशानी का अंदेशा नहीं था।
लेकिन 22 अप्रैल की रात अचानक दुल्हन के गायब होने से पूरे परिवार में हड़कंप मच गया।
जेवर और नकदी लेकर हुई फरार
परिजनों ने बताया कि दुल्हन घर से निकलते समय जेवर और नकदी भी अपने साथ ले गई।
इस घटना के बाद पति और उसके परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और दुल्हन की तलाश में जुट गई।
पुलिस ने टेंपो स्टैंड से किया बरामद
सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि दुल्हन पाकबड़ा के टेंपो स्टैंड पर मौजूद है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे बरामद कर थाने ले आई।
इसके बाद पति और उसके परिवार को भी थाने बुलाया गया, ताकि मामले को सुलझाया जा सके।
थाने में चली घंटों पंचायत
थाने में दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक पंचायत चली।
इस दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चलता रहा और परिवार के लोग दुल्हन को समझाने की कोशिश करते रहे।
लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही और उसने पति के साथ जाने से साफ मना कर दिया।
प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी दुल्हन
पंचायत के दौरान दुल्हन ने स्पष्ट कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है।
उसने थाने में ही पति से अलग होने की बात कही और प्रेमी के साथ जाने का निर्णय दोहराया।
दुल्हन के इस फैसले से दोनों परिवारों में तनाव की स्थिति बन गई।
आपसी सहमति से मामला खत्म
पाकबड़ा थाना प्रभारी योगेश कुमार के अनुसार, दोनों पक्षों ने लिखित में यह दे दिया कि वे एक-दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते।
इस आधार पर पुलिस ने मामले को आपसी सहमति से समाप्त कर दिया।
कानूनी रूप से भी जब दोनों पक्ष सहमत हो गए, तो आगे की कार्रवाई की जरूरत नहीं रही।
समाज और परिवार पर असर
यह मामला सामाजिक और पारिवारिक दृष्टिकोण से भी चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में संवाद और समझदारी की भूमिका अहम होती है।
यह घटना रिश्तों में विश्वास और पारदर्शिता की अहमियत को भी दर्शाती है।
क्या कहता है कानून?
कानूनी रूप से बालिग व्यक्ति अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुन सकता है।
ऐसे मामलों में पुलिस का मुख्य काम दोनों पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।
यदि कोई आपराधिक मामला नहीं बनता और दोनों पक्ष सहमत होते हैं, तो मामला समाप्त किया जा सकता है।
क्यों चर्चा में है यह मामला?
शादी के इतने कम समय में इस तरह का फैसला लेना आमतौर पर कम ही देखने को मिलता है।
इसी वजह से यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर भी लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
