बिहार के किशनगंज जिले में किशनगंज पुलिस की कार्यशैली को सुधारने के लिए एसपी संतोष कुमार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। बेहतर और जवाबदेह किशनगंज पुलिस व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से एक ओर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई। जिले में 4 थानाध्यक्षों समेत 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
एसपी संतोष कुमार ने दिखाई सख्ती
जनवरी 2026 में किशनगंज जिले में पदस्थापित होने के बाद से एसपी संतोष कुमार लगातार पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था, सुपर पेट्रोलिंग, छापेमारी और कांडों के निष्पादन की समीक्षा करते हुए एक साथ सम्मान और कार्रवाई दोनों का संदेश दिया है।
एसपी की इस पहल को पुलिस विभाग में अनुशासन स्थापित करने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है।
194 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित
10 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 194 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत किया गया।
इन पुलिसकर्मियों को कुल 1 लाख 21 हजार 650 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। सम्मान पाने वालों में पुलिस अवर निरीक्षक, परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक, सिपाही, गृह रक्षक और चौकीदार शामिल हैं।
सबसे अधिक 65 हजार 500 रुपये की राशि पुलिस अवर निरीक्षक और परिचारी पुलिस अवर निरीक्षकों को दी गई।
इसके अलावा 86 सिपाहियों को 17 हजार 500 रुपये और 18 गृह रक्षकों को 10 हजार 600 रुपये देकर सम्मानित किया गया।
4 थानाध्यक्ष समेत 12 कर्मी निलंबित
एसपी संतोष कुमार ने लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्त रुख अपनाया।
ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अनदेखी करने के आरोप में 4 थानाध्यक्षों सहित कुल 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
निलंबित कर्मियों में पुलिस अवर निरीक्षक, परिचारी, सिपाही और चौकीदार भी शामिल हैं।
इसके अलावा 38 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों का वेतन रोका गया है। वहीं 9 कर्मियों को विभागीय दंड दिया गया है।
पुलिसिंग सुधारने की कोशिश तेज
एसपी संतोष कुमार का कहना है कि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
उन्होंने साफ कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
पुलिस विभाग में लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि प्रदर्शन के आधार पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। ऐसे में किशनगंज में हुई यह कार्रवाई अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण मानी जा रही है।
जनता से मांगे ऑडियो और वीडियो सबूत
एसपी ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी के खिलाफ अनुचित गतिविधि की सूचना हो तो लोग ऑडियो या वीडियो सबूत के साथ सीधे उन्हें जानकारी दें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
एसपी का कहना है कि जनता की भागीदारी से ही पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
जिले में बेहतर पुलिसिंग पर फोकस
किशनगंज पुलिस प्रशासन अब अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस व्यवहार और अनुशासन सुधारने पर भी जोर दे रहा है।
हाल के महीनों में जिले में सुपर पेट्रोलिंग, छापेमारी और विधि-व्यवस्था ड्यूटी को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में पुरस्कार और दंड की समान नीति से कामकाज में सुधार आता है और कर्मियों में जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।
पुलिस महकमे में बना चर्चा का विषय
4 थानाध्यक्षों के निलंबन और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को सम्मानित किए जाने की कार्रवाई पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कई लोग इसे प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। वहीं पुलिस विभाग के भीतर भी इस कार्रवाई को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में किशनगंज पुलिस की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था पर इसका कितना असर दिखाई देता है।
