भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता एक बार फिर चर्चा में है। भारत-नेपाल बॉर्डर पर सक्रिय सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो थाई नागरिक महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि भारत-नेपाल बॉर्डर के रास्ते अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कराने की कोशिश की जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद सीमा सुरक्षा और अवैध नेटवर्क को लेकर कई सवाल फिर सामने आ गए हैं।
यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी थाना क्षेत्र स्थित रतखोला इलाके में की गई। एसएसबी की 41वीं वाहिनी रानीडांगा की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया था।
गुप्त सूचना के बाद चला विशेष अभियान
एसएसबी अधिकारियों को सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा के रास्ते तीसरे देश के नागरिकों की संदिग्ध आवाजाही हो रही है। इसके बाद बी-कंपनी मदनजोत की टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 88/08 के पास निगरानी बढ़ा दी।
सोमवार शाम एक संदिग्ध शेवरलेट बीट कार को रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन से दो विदेशी महिलाएं मिलीं। पूछताछ में उनकी पहचान थाई नागरिक नुसरा किंगवान (43) और साविनी चालासाई (33) के रूप में हुई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों महिलाएं अनधिकृत रास्ते से भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थीं। अधिकारियों को उनके दस्तावेज और गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
थाई मसाज की आड़ में अवैध कारोबार का शक
जांच एजेंसियों के अनुसार शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि दोनों महिलाएं थाई मसाज के नाम पर चल रहे संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मामला देह व्यापार और सीमा पार मानव तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है।
हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियां अभी सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।
इस मामले में नेपाल के झापा जिले के मेचीनगर निवासी अभिषेक श्रेष्ठ भार्ताली (28) को कथित दलाल के रूप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर निवासी मोहम्मद सलेमान (26) को वाहन चालक के रूप में पकड़ा गया।
एसएसबी ने कार और दस्तावेज किए जब्त
कार्रवाई के दौरान एसएसबी ने एक शेवरलेट बीट कार, कई मोबाइल फोन, पासपोर्ट, आधार कार्ड और राष्ट्रीय पहचान पत्र बरामद किए हैं। सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
गिरफ्तार सभी आरोपितों और जब्त सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए नक्सलबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ने पासपोर्ट एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क के तार किन-किन इलाकों और लोगों से जुड़े हुए हैं।
खुली सीमा का गलत फायदा उठाने की कोशिश
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से खुली सीमा व्यवस्था लागू है। दोनों देशों के नागरिक बिना वीजा के आवाजाही कर सकते हैं। सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्तों के कारण दोनों देशों के बीच बेटी-रोटी का संबंध भी काफी मजबूत माना जाता है।
इसी खुली सीमा का फायदा उठाकर कई बार तस्कर और अपराधी तत्व अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसे नेटवर्क पर नजर बनाए रखती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि खुली सीमा व्यवस्था दोनों देशों के संबंधों की मजबूती का प्रतीक है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा चुनौतियां भी जुड़ी रहती हैं। इसलिए सीमा पर निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत रखना जरूरी माना जाता है।
सीमा सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क
एसएसबी और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्रों में लगातार निगरानी अभियान चलाती रहती हैं। हाल के वर्षों में मानव तस्करी, नकली दस्तावेज और अवैध घुसपैठ के मामलों में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए संयुक्त स्तर पर कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस कार्रवाई को सीमा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही यह भी साफ हुआ है कि सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर अवैध गतिविधियों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।
