देशभर में इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर अब प्रशांत किशोर ने भी प्रतिक्रिया दी है। प्रशांत किशोर का कहना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को मिल रहा भारी समर्थन जनता के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई जैसी समस्याओं से परेशान लोग इस तरह के सोशल मीडिया अभियानों से जुड़ रहे हैं।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि यह अभी तक एक सोशल मीडिया अभियान है, लेकिन इसकी लोकप्रियता यह दिखाती है कि लोगों का मौजूदा व्यवस्था पर भरोसा कम होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से जनता की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील भी की।
क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का एक व्यंग्यात्मक अभियान तेजी से वायरल हुआ। यह अभियान उस समय चर्चा में आया जब अदालत की एक सुनवाई के दौरान “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसे शब्दों पर बहस शुरू हुई थी।
इसके बाद सोशल मीडिया पर इस नाम से अकाउंट और वेबसाइट सामने आई, जिसे लाखों लोगों का समर्थन मिलने लगा। कुछ ही दिनों में इस अभियान से बड़ी संख्या में लोग जुड़ गए और यह इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह केवल व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान है या भविष्य में किसी राजनीतिक स्वरूप में सामने आ सकता है।
प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी भी सोशल मीडिया अभियान को इतनी तेजी से समर्थन मिलना सामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक, अगर लाखों लोग किसी ऐसे अभियान से जुड़ रहे हैं तो यह जनता के भीतर मौजूद असंतोष को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, गैस और उर्वरकों की उपलब्धता जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं। यही वजह है कि लोग इस तरह के अभियानों में अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का कोई स्पष्ट संगठनात्मक ढांचा सामने नहीं आया है। इसके नेतृत्व और उद्देश्य को लेकर भी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
संस्थापक अभिजीत दिपके को मिली धमकी
इस पूरे मामले के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक बताए जा रहे अभिजीत दिपके ने दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है।
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में पुलिस ने उनके घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस तैनात की गई है।
बताया गया है कि अभिजीत दिपके फिलहाल अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं। इस बीच उनके सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट बंद पाए गए, जिससे समर्थकों के बीच नाराजगी बढ़ गई।
सोशल मीडिया अकाउंट बंद होने पर बढ़ा विवाद
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का इंस्टाग्राम, एक्स और वेबसाइट अचानक बंद होने के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। कई समर्थकों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा।
कुछ समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी थी। हालांकि, अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की और किसी भी तरह के प्रदर्शन से दूरी बनाने को कहा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
क्यों वायरल हो रहा है यह अभियान?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन या प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है। लोग इसे अपनी नाराजगी और विचार व्यक्त करने के मंच के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐसे व्यंग्यात्मक अभियानों को युवाओं का समर्थन तेजी से मिलता है क्योंकि वे सरल भाषा और डिजिटल मीम संस्कृति के जरिए लोगों तक पहुंचते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे लंबे समय से चर्चा में हैं। ऐसे में कोई भी अभियान जो इन भावनाओं को प्रतीकात्मक रूप से सामने लाता है, वह जल्दी वायरल हो जाता है।
फिलहाल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। आने वाले दिनों में यह केवल इंटरनेट ट्रेंड बनकर रह जाता है या किसी बड़े सामाजिक-राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
