बिहार में मई में ही मानसून जैसे हालात, अगले 4 दिनों तक नहीं मिलेगी राहत


 

बिहार में इन दिनों Bihar Weather News लगातार चर्चा में है। मई की शुरुआत में ही राज्य में मानसून जैसे हालात बनने लगे हैं। Bihar Weather News के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण पटना समेत कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है। तेज हवाओं और बारिश ने आम जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी असर डाला है।

पटना समेत कई जिलों में बदला मौसम

शुक्रवार शाम करीब चार बजे राजधानी पटना सहित कई जिलों में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवा, काले बादल और मेघ गर्जन के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में शाम के समय ही रात जैसा अंधेरा छा गया।

मौसम विभाग के अनुसार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। करीब आधे घंटे तक चली तेज आंधी और बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। पटना के आर ब्लॉक, सचिवालय और पटना जू इलाके में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।

जलजमाव और ओलावृष्टि से बढ़ी परेशानी

बारिश के दौरान कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर ओले भी गिरे, जिससे लोगों में दहशत का माहौल रहा।

आंधी-पानी के बीच बड़ी संख्या में लोग सड़क और बाजारों में फंस गए। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राजधानी पटना में लगभग आधे घंटे के दौरान 34.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

अगले चार दिन तक जारी रह सकता है असर

मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने बताया कि प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले तीन से चार दिनों तक मौसम खराब रह सकता है।

इस दौरान आंशिक बादल छाए रहने, तेज हवा चलने, बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

कई जिलों में दर्ज हुई भारी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। किशनगंज के ठाकुरगंज में सबसे अधिक 54.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा अररिया के पलासी में 42.4 मिमी, गया के मानपुर में 22 मिमी, किशनगंज के टेढ़ागाछ में 19.6 मिमी और फारबिसगंज में 15.2 मिमी बारिश दर्ज हुई। सासाराम, राजगीर, वैशाली और जहानाबाद समेत कई इलाकों में भी बारिश हुई।

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी

बारिश और बादलों के असर से कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि कुछ जगहों पर अधिकतम तापमान बढ़ा। पटना का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

वहीं कैमूर के भभुआ में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। गया में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री, भागलपुर में 31.4 डिग्री और मुजफ्फरपुर में 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

खेती-किसानी पर पड़ा असर

लगातार आंधी और बारिश का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। तेज हवा के कारण आम, लीची, गेहूं और मकई की फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर आम के टिकोले गिरने की शिकायत सामने आई है।

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे पोटाश युक्त उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करें ताकि फलों की पकड़ मजबूत बनी रहे। साथ ही कमजोर शाखाओं को सहारा देने की भी सलाह दी गई है।

प्री-मानसून गतिविधियों से बदल रहा मौसम

विशेषज्ञों के अनुसार मई के महीने में इस तरह की स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों के दौरान बनती है। काल वैशाखी के सक्रिय होने से बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश होती है।

हालांकि मौसम में आई इस नरमी से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन लगातार बदलते मौसम ने जनजीवन को प्रभावित किया है। खासकर ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति और फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।

अगले कुछ दिनों तक बिहार में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क नजर आ रहे हैं।

और नया पुराने
हमसे जुड़ें
1

बड़ी खबर सबसे पहले पाएं!

देश, बिहार और नौकरी से जुड़ी हर बड़ी अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।

👉 अभी WhatsApp चैनल जॉइन करें
होम क्विज वीडियो नोट्स NCERT