बिहार एनकाउंटर में 25 हजार का इनामी ढेर, सिवान गोलीकांड का खुलासा
Bihar Encounter Sonu Yadav मामले ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था पर ध्यान खींचा है। Bihar Encounter Sonu Yadav में सिवान गोलीकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। रविवार सुबह हुई इस कार्रवाई में 25 हजार का इनामी अपराधी सोनू यादव मारा गया, जिस पर बीजेपी नेता के भांजे की हत्या का आरोप था। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
सिवान में मुठभेड़, मुख्य आरोपी ढेर
सिवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र में रविवार सुबह पुलिस और अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई।
यह भिड़ंत लकड़ी गांव के पास हुई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने की कोशिश की।
इसी दौरान आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
बीजेपी नेता के भांजे की हत्या का आरोपी
मृतक सोनू यादव पर 29 अप्रैल 2026 को हुए चर्चित गोलीकांड में शामिल होने का आरोप था।
इस घटना में बीजेपी नेता के भांजे हर्ष कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
वहीं, इस हमले में नेता के बहनोई चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका इलाज जारी है।
पुलिस कार्रवाई—घेराबंदी के बाद जवाबी फायरिंग
पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
इसके बाद एसपी पुरन कुमार झा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया।
जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, आरोपी ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी, जांच जारी
इस मामले में पुलिस पहले ही एक अन्य आरोपी छोटू यादव को गिरफ्तार कर चुकी है।
वह फिलहाल पटना के पीएमसीएच में इलाजरत है।
इसके अलावा सुनील यादव को घटना में इस्तेमाल वाहन के साथ पकड़ा गया था, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
एनकाउंटर के बाद इलाके में बढ़ी पुलिस सख्ती
इस मुठभेड़ के बाद सिवान और आसपास के इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे कुछ सवाल भी बने हुए हैं।
क्या संकेत देता है यह एनकाउंटर?
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे एनकाउंटर से पुलिस अपराध पर सख्त संदेश देना चाहती है।
हालांकि, इस तरह की कार्रवाई पर कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर भी बहस होती रही है।
यह मामला भी आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था और पुलिस रणनीति को लेकर चर्चा का विषय बना रह सकता है।
