बिहार एनकाउंटर पर सियासत तेज, मांझी ने किया समर्थन, विपक्ष हमलावर
Bihar Encounter Politics को लेकर राज्य में बहस तेज हो गई है। हाल के दिनों में बढ़े पुलिस एनकाउंटर पर Bihar Encounter Politics नया मोड़ लेती दिख रही है। सिवान में रविवार सुबह एक हत्या के आरोपी को पुलिस द्वारा मारे जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तीखी हो गई हैं। सत्तापक्ष इसे अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे कानून प्रक्रिया से अलग कदम बताते हुए सवाल उठा रहा है।
सिवान एनकाउंटर के बाद बढ़ी राजनीतिक गर्मी
रविवार सुबह सिवान में भाजपा नेता के भांजे की हत्या के आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
यह मामला अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
जीतन राम मांझी ने किया समर्थन, सरकार की तारीफ
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और उन्हें चेतावनी दी कि या तो सुधर जाएं या राज्य छोड़ दें।
मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भी सराहना की और इसे सख्त प्रशासनिक कदम बताया।
पहले भी कर चुके हैं तीखी टिप्पणी
यह पहला मौका नहीं है जब मांझी ने इस तरह की प्रतिक्रिया दी हो।
29 अप्रैल को भी उन्होंने एक पोस्ट में सरकार की तारीफ करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला था।
उन्होंने कहा था कि वर्तमान नेतृत्व के सामने विपक्ष कमजोर साबित हो रहा है और अपराध के खिलाफ सख्त नीति अपनाई जा रही है।
विपक्ष का हमला—‘एनकाउंटर की राजनीति’ का आरोप
विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था के नाम पर “एनकाउंटर की राजनीति” कर रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई कानून प्रक्रिया से इतर है और इससे न्याय व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
कानून-व्यवस्था बनाम राजनीतिक संदेश की बहस
राज्य में बढ़ते एनकाउंटर को लेकर दो अलग-अलग नजरिए सामने आए हैं।
एक ओर सत्तापक्ष इसे अपराधियों के खिलाफ जरूरी सख्ती बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक संदेश देने का तरीका मान रहा है।
इससे “कानून-व्यवस्था बनाम सियासत” की बहस और तेज हो गई है।
