बिहार के हालिया बिहार कैबिनेट विस्तार में जमुई और भागलपुर जिले की राजनीतिक मौजूदगी खास चर्चा में रही। इस बिहार कैबिनेट विस्तार के बाद दोनों जिलों के कई इलाकों में उत्साह का माहौल देखा गया। जमुई के गिद्धौर गांव से दो नेताओं को मंत्री पद मिला, जबकि भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल स्थित खरीक प्रखंड से भी दो नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रतिनिधित्व क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक मजबूती दोनों को ध्यान में रखकर किया गया है।
नई जिम्मेदारियों के साथ इन नेताओं के समर्थकों में उत्साह बढ़ा है। गांव और स्थानीय क्षेत्रों में लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की।
गिद्धौर गांव से दो नेताओं को मंत्री पद
जमुई जिले के गिद्धौर गांव ने इस बार बिहार की राजनीति में विशेष पहचान बनाई है। यहां के निवासी और जदयू के वरिष्ठ नेता Damodar Rawat को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है।
दामोदर रावत लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे इससे पहले भी वर्ष 2007 और 2010 में मंत्री रह चुके हैं। झाझा विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने कई चुनाव जीते हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
हाल के चुनाव में उन्होंने राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Jai Prakash Narayan Yadav को कड़े मुकाबले में हराया था। इस जीत ने उनकी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत किया।
दूसरी बार मंत्री बनीं श्रेयसी सिंह
भाजपा विधायक Shreyasi Singh ने दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली है। श्रेयसी सिंह पहली बार वर्ष 2020 में विधायक बनी थीं और उसके बाद उन्होंने लगातार राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी।
2025 के चुनाव में भी उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उन पर दोबारा भरोसा जताया। श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय Digvijaya Singh और पूर्व सांसद Putul Kumari की पुत्री हैं।
राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की है। खेल और सामाजिक कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भूमिका चर्चा में रही है।
खरीक प्रखंड से दो विधायकों को मिली जगह
भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखंड में भी इस बार खास उत्साह देखने को मिला। यहां से जुड़े दो नेताओं को बिहार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
भाजपा विधायक Shailendra और गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक Shailesh Kumar alias Bulo Mandal ने मंत्री पद की शपथ ली।
दोनों अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उनका मूल निवास खरीक प्रखंड में ही है। इ. शैलेंद्र तेलघी गांव के निवासी हैं, जबकि बूलो मंडल राघोपुर गांव से आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बार इतने कम समय में क्षेत्र से दो नेताओं को एक साथ मंत्री पद मिलने से विकास की उम्मीदें बढ़ी हैं।
क्षेत्रीय संतुलन पर दिखा एनडीए का फोकस
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस कैबिनेट विस्तार में एनडीए ने क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता दी है।
जमुई और भागलपुर जैसे क्षेत्रों से कई नेताओं को शामिल कर गठबंधन ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को भी सरकार में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलेगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे आने वाले समय में स्थानीय विकास योजनाओं को गति मिल सकती है। साथ ही, संगठन स्तर पर भी इन जिलों में राजनीतिक मजबूती बढ़ने की संभावना है।
समर्थकों में जश्न का माहौल
मंत्री पद की घोषणा के बाद गिद्धौर, खरीक, बिहपुर और आसपास के इलाकों में समर्थकों ने खुशी जाहिर की। कई जगहों पर मिठाइयां बांटी गईं और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र से नेताओं को सरकार में जगह मिलने से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर बेहतर काम की उम्मीद बढ़ी है।
अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए मंत्री अपने क्षेत्रों के विकास के लिए किस तरह की योजनाएं आगे बढ़ाते हैं।
