बिहार के जहानाबाद जिले में भोजपुरी गायक गिरफ्तारी का मामला चर्चा में आ गया है। पुलिस ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और अभद्र भाषा वाले वीडियो को लेकर एक भोजपुरी गायक गिरफ्तारी की कार्रवाई की है। आरोपी गायक को मखदुमपुर प्रखंड के श्रीपुर गांव से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई पटना सोशल मीडिया सेल के निर्देश पर की गई।
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर बहस तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कौन है गिरफ्तार भोजपुरी गायक?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान चुन्नू लाल यादव उर्फ निर्भय कुमार के रूप में हुई है। वह जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड स्थित श्रीपुर गांव का निवासी बताया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर वह भोजपुरी गायक के तौर पर पहचाना जाता है। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस और सोशल मीडिया सेल के संज्ञान में आया।
पटना सोशल मीडिया सेल के निर्देश पर कार्रवाई
घोषी-2 के एसडीपीओ कृति कमल ने बताया कि इस मामले में पटना सोशल मीडिया सेल के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी जानकारी जुटाई। इसके बाद बुधवार को आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और वीडियो से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो बना कार्रवाई की वजह
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले आरोपी गायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो अपलोड किया था।
आरोप है कि वीडियो में मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित रूप से गाली-गलौज और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद सोशल मीडिया सेल ने इसे गंभीरता से लिया।
इसके बाद स्थानीय पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए और मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
एसडीपीओ कृति कमल ने कहा कि सोशल मीडिया पर अभद्र, भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, लोगों को सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते समय कानून और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस
इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोग पुलिस कार्रवाई को कानून व्यवस्था के लिहाज से जरूरी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला व्यक्तिगत राय का नहीं बल्कि कथित अभद्र भाषा और आपत्तिजनक सामग्री से जुड़ा है, जिसकी जांच कानून के तहत की जा रही है।
बिहार में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज
हाल के वर्षों में बिहार में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर पुलिस और प्रशासन ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं।
फर्जी खबर, भड़काऊ पोस्ट और आपत्तिजनक वीडियो को लेकर कई मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल सामाजिक तनाव और कानून व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकता है।
इसी वजह से सोशल मीडिया सेल लगातार वायरल पोस्ट और वीडियो पर नजर रख रहा है।
क्या कहते हैं कानूनी विशेषज्ञ?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति या सार्वजनिक पद पर बैठे नेता के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कानूनी विवाद पैदा कर सकता है।
हालांकि, हर मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलता है। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई अदालत की प्रक्रिया के तहत होगी।
अब इस केस में पुलिस की जांच रिपोर्ट और अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।
