बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तेजस्वी यादव बयान को लेकर अब परिवार के अंदर से ही आवाज उठने लगी है। हाल ही में तेजस्वी यादव बयान पर उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने खुलकर नाराजगी जताई है और सार्वजनिक तौर पर नसीहत दी है कि बाहर जाकर बिहार की छवि खराब करना ठीक नहीं।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि तेजस्वी अब बच्चे नहीं हैं और उन्हें अपने बयान सोच-समझकर देने चाहिए। खासकर जब बात अपने राज्य की छवि की हो, तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
तेज प्रताप ने क्यों जताई आपत्ति?
तेज प्रताप यादव ने केरल में दिए गए उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें तेजस्वी यादव ने बिहार को देश का सबसे गरीब राज्य बताया था। इस टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में विवाद खड़ा कर दिया।
तेज प्रताप ने कहा कि बिहार के लोग गरीब नहीं, बल्कि दिल से अमीर हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी भी नेता को अपने राज्य की छवि को लेकर संवेदनशील होना चाहिए।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिहार ने हमेशा देश को प्रतिभा और मेहनत दी है, इसलिए ऐसे बयानों से बचना चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ा विवाद
तेजस्वी यादव के बयान के बाद भाजपा और जदयू ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। दोनों दलों ने इसे बिहार का अपमान बताते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है।
इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान का असर आगामी चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।
नेतृत्व परिवर्तन पर तेज प्रताप की राय
तेज प्रताप यादव ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर कहा कि राज्य में शराबबंदी पूरी तरह विफल हो चुकी है।
उनका कहना है कि इसी वजह से नीतीश कुमार इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तेज प्रताप ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि निशांत को अभी अनुभव की जरूरत है और समय के साथ वे सीख जाएंगे।
सम्राट चौधरी को बताया सीएम पद के योग्य
तेज प्रताप यादव ने बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद के लिए योग्य बताया।
उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी में नेतृत्व क्षमता है और वे राज्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।
राजनीतिक हलकों में यह बयान काफी चर्चा में है, क्योंकि इससे संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को और बल मिला है।
शराबबंदी पर सरकार पर निशाना
तेज प्रताप यादव ने शराबबंदी कानून को लेकर भी नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में हर जगह शराब आसानी से उपलब्ध है।
उनके मुताबिक, गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर शराब बिक रही है, जिससे साफ है कि कानून का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहरीली शराब से लोगों की मौत हो रही है, लेकिन सरकार इस पर गंभीर कदम नहीं उठा रही।
क्या पड़ेगा चुनावी असर?
तेजस्वी यादव के बयान और तेज प्रताप की प्रतिक्रिया ने बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। जहां एक तरफ विपक्ष सरकार को घेर रहा है, वहीं परिवार के भीतर से आई प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विवाद आने वाले चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। इससे राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं।
Source: मीडिया रिपोर्ट्स
