भागलपुर में Sultanganj EO murder case ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। इस Sultanganj EO murder case में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड रामाधीन यादव को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस जब उसे पकड़ने गई तो उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है।
कैसे हुआ एनकाउंटर?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस टीम रामाधीन यादव को हथियार बरामद करने के लिए साथ लेकर छापेमारी करने गई थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस पर अचानक फायरिंग कर दी।
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में रामाधीन यादव मारा गया। इस दौरान एक-दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई।
क्या है पूरा हत्याकांड?
मंगलवार शाम करीब 4:05 बजे सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में नकाबपोश अपराधियों ने घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी।
हमले में नगर परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।
बताया गया कि अपराधियों ने करीब छह राउंड फायरिंग की, जिसमें तीन गोली ईओ को और दो गोली सभापति को लगी।
CCTV में कैद हुई वारदात
इस पूरी घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें अपराधी हथियार लेकर चैंबर में घुसते दिख रहे हैं।
फुटेज में यह भी दिखता है कि ईओ कृष्ण भूषण कुमार ने अपराधियों का विरोध किया और उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई।
इस बहादुरी के लिए अब उन्हें लोग याद कर रहे हैं।
ठेके और वर्चस्व की लड़ाई बनी वजह?
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के पीछे ठेके, अवैध वसूली और वर्चस्व की लड़ाई हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले श्रावणी मेले को लेकर भी ठेके और नियंत्रण को लेकर दो गुटों में तनाव था।
इसके अलावा, सैरात बंदोबस्ती को लेकर भी विवाद चल रहा था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
पुलिस और प्रशासन का बयान
डीएम नवल किशोर चौधरी ने कहा कि घटना गंभीर है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने घायल सभापति के इलाज की भी जानकारी दी।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।
पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और मामले के जल्द खुलासे का दावा किया जा रहा है।
इलाके में दहशत और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद सुल्तानगंज में दहशत का माहौल है। नगर परिषद कार्यालय में घुसकर हत्या की यह पहली घटना बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। छोटे स्तर के जनप्रतिनिधियों में भय का माहौल देखा जा रहा है।
ईमानदार अधिकारी के रूप में पहचान
कृष्ण भूषण कुमार को एक ईमानदार और कर्मठ अधिकारी के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई सुधारात्मक कदम उठाए थे।
उन्हें हाल ही में बेस्ट अकाउंट्स प्रैक्टिस अवार्ड से सम्मानित भी किया गया था।
उनकी मौत के बाद प्रशासनिक हलकों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।
आगे क्या?
पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच से बड़े खुलासे होने की संभावना है।
यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है।
