
पश्चिम एशिया में बढ़ते तेल संकट के बीच सरकार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहम जानकारी दी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार भारत के पास अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त क्रूड ऑयल स्टॉक मौजूद है। इस तेल संकट के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं। संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर पार करने के बाद भी आम उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं डाला गया है। सरकार ने सप्लाई बनाए रखने और कीमतों को स्थिर रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
2 महीने का क्रूड स्टॉक, सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित
सरकार ने साफ किया है कि देश में क्रूड ऑयल की कोई कमी नहीं है।
रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।
इस फैसले से लोगों को यह भरोसा मिला है कि अचानक ईंधन की कमी जैसी स्थिति नहीं बनेगी।
4 साल से स्थिर पेट्रोल-डीजल कीमतें
सरकार ने बताया कि 6 अप्रैल 2022 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
इसके बावजूद घरेलू स्तर पर कीमतें स्थिर रखी गई हैं।
मार्च 2024 में पेट्रोल-डीजल के दाम 2 रुपये तक घटाए गए थे, जो अब भी लागू हैं।
एक्साइज ड्यूटी और निर्यात शुल्क से मिला सहारा
सरकार ने कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए एक्साइज ड्यूटी कम की।
इसके अलावा डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात शुल्क लगाया गया।
LPG सिलेंडर की कीमतों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे घरेलू बजट पर असर कम पड़ा है।
हवाई यात्रियों को भी राहत, ATF में सीमित बढ़ोतरी
सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतों में केवल 25% तक सीमित बढ़ोतरी की अनुमति दी है।
इससे घरेलू उड़ानों के किराए पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
एविएशन सेक्टर में ईंधन की लागत कुल खर्च का लगभग 40% होती है, इसलिए यह फैसला उद्योग के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
गैस सप्लाई और PNG नेटवर्क पर जोर
सरकार ने CNG और घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए 100% सप्लाई सुनिश्चित की है।
PNG नेटवर्क को बढ़ाने के लिए भी तेजी से काम किया जा रहा है।
मार्च महीने में लाखों नए गैस कनेक्शन दिए गए और बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया।
कृषि और खाद्य कीमतों पर भी नजर
कृषि मंत्रालय के अनुसार, टमाटर, प्याज और आलू जैसी जरूरी फसलों की कीमतें नियंत्रण में हैं।
सरकार ने आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त बीज उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है।
देशभर में धान, सोयाबीन, मूंगफली और मक्का सहित प्रमुख फसलों के लिए पर्याप्त बीज स्टॉक मौजूद है।
विदेशों में भारतीय नागरिक और नाविक सुरक्षित
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
विदेश मंत्रालय की मदद से हजारों भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
भारत कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय है और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
तेल संकट के बीच सरकार के इन फैसलों से आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
ईंधन कीमतों में स्थिरता का सीधा असर महंगाई और घरेलू बजट पर पड़ता है, जिससे करोड़ों लोगों को राहत महसूस हो रही है।
Source: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय प्रेस कॉन्फ्रेंस