
पटना में नीतीश कुमार स्किल पार्क निरीक्षण आज चर्चा का केंद्र रहा, जहां मुख्यमंत्री ने बिपार्ड स्किल पार्क के दक्षता भवन का दौरा किया। बुधवार को वाल्मी परिसर, पटना में हुए इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की समीक्षा की, प्रशिक्षुओं से बातचीत की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। नीतीश कुमार स्किल पार्क निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बेहतर कौशल और रोजगार अवसर उपलब्ध कराना बताया गया। सरकार क्यों और कैसे इस दिशा में काम कर रही है, इसे लेकर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया।
स्किल पार्क में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने बिपार्ड स्किल पार्क के दक्षता भवन का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने क्लासरूम, लैब और प्रशिक्षण केंद्रों में चल रही गतिविधियों को देखा।
साथ ही, आवासीय सुविधाओं और मेस की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया।
उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि परिसर में साफ-सफाई और व्यवस्थाएं बेहतर बनी रहें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
प्रशिक्षुओं से बातचीत, दिया बड़ा संदेश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सीधे क्लासरूम में पहुंचे और छात्रों से बातचीत की।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पूरी मेहनत और लगन से प्रशिक्षण लें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को नौकरी के बेहतर अवसर मिलें, यह सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
किन-किन कोर्सों का मिल रहा प्रशिक्षण?
बिपार्ड स्किल पार्क में युवाओं को कई आधुनिक और रोजगार आधारित कोर्स कराए जा रहे हैं।
इनमें शामिल हैं:
- CCNA (नेटवर्किंग)
- जेरियाट्रिक केयर गिवर
- फैशन डिजाइनिंग
- कॉमिस (होटल इंडस्ट्री)
- असिस्टेंट बेकिंग टेक्नीशियन
इन कोर्सों के जरिए युवाओं को सीधे इंडस्ट्री से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
मुफ्त सुविधाएं भी दे रही सरकार
स्किल पार्क में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को कई सुविधाएं मुफ्त में दी जा रही हैं।
इनमें आवास, भोजन, प्रशिक्षण किट और यूनिफॉर्म शामिल हैं।
इसके अलावा, अंग्रेजी के साथ विदेशी भाषाओं जैसे जर्मन, फ्रेंच, स्पैनिश और जापानी का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
इससे युवाओं की ग्लोबल जॉब मार्केट में संभावनाएं बढ़ रही हैं।
रोजगार के आंकड़े भी उत्साहजनक
अब तक इस स्किल पार्क से सैकड़ों युवा लाभान्वित हो चुके हैं।
कुल 667 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
इनमें से 204 युवाओं को देश और विदेश में रोजगार के अवसर मिल चुके हैं।
यह आंकड़ा सरकार की पहल को सफल साबित करता है।
अधिकारियों को दिए अहम निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
साथ ही, प्रशिक्षुओं की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रगति रिपोर्ट दी।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
यह फैसला युवाओं के भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
इस फैसले से लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
खासतौर पर बिहार के युवाओं के लिए यह राहत और उम्मीद दोनों लेकर आया है।
कौशल विकास पर फोकस बढ़ने से बेरोजगारी कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार का यह कदम राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Source: आधिकारिक जानकारी / सरकारी बयान