खगड़िया: खगड़िया अतिक्रमण मामला (Khagaria Encroachment Case) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। खगड़िया अतिक्रमण मामला वार्ड 38 संसारपुर में स्थित “धोबिया खड्डा” पोखर और वार्ड 38-37 को जोड़ने वाली सड़क पर अवैध कब्जे से जुड़ा है। यह मामला कब, कहां, क्यों और कैसे उठा—इसकी शिकायत स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने जिला प्रशासन से की है। डीएम ने जांच और स्थल निरीक्षण के आदेश दे दिए हैं।
इस मामले ने स्थानीय स्तर पर लोगों की परेशानी और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
नगर परिषद क्षेत्र के संसारपुर वार्ड संख्या 38 में “धोबिया खड्डा” नामक पोखर वर्षों से एक महत्वपूर्ण जलस्रोत रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे कुछ लोगों ने इस पोखर को भरकर उस पर कब्जा कर लिया है।
इसके साथ ही वार्ड 38 और 37 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है।
कई बार की गई शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
आवेदनकर्ता दीपक कुमार ने बताया कि उन्होंने इस मामले को कई बार प्रशासन के सामने उठाया है।
उन्होंने 19 दिसंबर 2025, 2 जनवरी 2026 और 30 जनवरी 2026 को जनता दरबार में आवेदन दिया था।
इसके अलावा नगर सभापति कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
6 अप्रैल 2026 को उन्होंने एक बार फिर आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विधायक से भी लगाई गुहार
मामले को गंभीरता से लेते हुए दीपक कुमार ने स्थानीय विधायक Babloo Kumar Mandal को भी आवेदन सौंपा।
विधायक ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अतिक्रमण पाया गया तो उसे हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है, प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा।
डीएम ने दिए जांच के सख्त निर्देश
इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।
खगड़िया के जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि:
- पहले कागजात की जांच की जाए
- फिर स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति देखी जाए
- सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मिलने पर तुरंत हटाया जाए
डीएम ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़क बंद होने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस सड़क पर अतिक्रमण हुआ है, वह वार्ड 38 और 37 को जोड़ने का प्रमुख मार्ग है।
इस रास्ते के बंद होने से रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।
लोगों को लंबा चक्कर लगाकर दूसरे रास्तों से जाना पड़ रहा है।
जलस्रोत खत्म होने का खतरा
“धोबिया खड्डा” पोखर केवल एक जलस्रोत ही नहीं, बल्कि इलाके की जरूरतों का अहम हिस्सा रहा है।
अतिक्रमण के कारण यह पोखर धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जल संरक्षण पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे जलस्रोतों का संरक्षण जरूरी है।
राज्य स्तर तक पहुंचा मामला
आवेदनकर्ता ने इस मामले को राज्य स्तर तक भी पहुंचाया है।
उन्होंने Nitish Kumar को डाक के माध्यम से जानकारी दी है।
साथ ही Vijay Kumar Sinha को पोर्टल के जरिए शिकायत भेजी गई है।
इसके अलावा मीडिया को भी इस मुद्दे से अवगत कराया गया है।
क्यों अहम है यह मामला?
यह मामला कई कारणों से महत्वपूर्ण है:
- सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे का मुद्दा
- आम लोगों के आवागमन पर असर
- जलस्रोतों के संरक्षण का सवाल
- प्रशासनिक जवाबदेही
यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती है, तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
आगे क्या होगा?
अब इस मामले में प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
यदि जांच में अतिक्रमण सही पाया जाता है, तो:
- कब्जा हटाया जाएगा
- सड़क को चालू किया जाएगा
- दोषियों पर कार्रवाई होगी
इससे स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
Source: स्थानीय आवेदन व जिला प्रशासन

