यह ऑपरेशन राज्य में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
चतरा-हजारीबाग बॉर्डर पर हुई मुठभेड़
यह मुठभेड़ चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर हुई।
सुरक्षाबलों को यहां नक्सलियों के एक बड़े दस्ते की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी।
इसके बाद इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
खुद को घिरा देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला।
घंटों चली गोलीबारी में चार नक्सली ढेर
मुठभेड़ कई घंटों तक चली और दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई।
आखिरकार चार नक्सली मौके पर ही मारे गए।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ अन्य नक्सलियों के घायल होने की भी संभावना है।
हालांकि, उनकी पुष्टि के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।
सहदेव महतो था बड़ा नक्सली कमांडर
मारे गए नक्सलियों में सहदेव महतो का नाम सबसे प्रमुख है।
वह इलाके में कई बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता था।
उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिससे उसकी सक्रियता और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सुरक्षाबलों के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
भारी मात्रा में हथियार और सामान बरामद
मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को कई अहम चीजें मिली हैं।
घटनास्थल से दो एके-47 राइफल, अन्य आधुनिक हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।
इसके अलावा नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग का सामान भी मिला है।
यह बरामदगी नक्सलियों की गतिविधियों पर बड़ा झटका मानी जा रही है।
सारंडा जंगल में भी घेराबंदी जारी
इधर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा इलाके में भी सुरक्षाबलों ने एक और नक्सली दस्ते को घेर रखा है।
चोटानागरा थाना क्षेत्र के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस दस्ते में कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा के होने की आशंका है।
बताया जा रहा है कि इस समूह में 100 से ज्यादा नक्सली शामिल हो सकते हैं।
आसमान से भी निगरानी, भागने के रास्ते बंद
सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के भागने के सभी रास्तों को सील कर दिया है।
ड्रोन और अन्य तकनीकी माध्यमों से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इससे ऑपरेशन की सटीकता और प्रभाव बढ़ गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस अभियान में और सफलता मिल सकती है।
हाल के हमलों में घायल हुए थे जवान
पिछले कुछ दिनों में इसी इलाके में नक्सलियों ने कई हमले किए थे।
आईईडी ब्लास्ट और गोलीबारी में छह जवान घायल हो गए थे।
इन घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों ने अभियान तेज कर दिया था।
यह मुठभेड़ उसी कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही है।
ऑपरेशन जारी, और खुलासों की उम्मीद
अमित रेनू (एसपी, चाईबासा) ने बताया कि सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।
उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति स्पष्ट होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
सुरक्षाबल लगातार इलाके में सर्च कर रहे हैं ताकि बाकी नक्सलियों को भी पकड़ा जा सके।
इस कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगने की संभावना है।
Source: झारखंड पुलिस और आधिकारिक सुरक्षा एजेंसियां
