अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर चारधाम यात्रा 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया। चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत के साथ ही गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त इन पवित्र धामों में दर्शन के लिए पहुंचने लगे, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस मौके पर पारंपरिक अनुष्ठानों और विशेष पूजा के साथ यात्रा का विधिवत आरंभ किया गया।
गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुले, श्रद्धालुओं की भीड़
गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
मंदिरों को फूलों से सजाया गया था और पूरे परिसर में “जय मां गंगे” और “जय मां यमुना” के जयकारे गूंज रहे थे।
स्थानीय लोग, पुजारी और अधिकारी भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
पालकी यात्रा से बढ़ा धार्मिक उत्साह
देवी गंगा की पालकी मुखबा गांव से और देवी यमुना की पालकी खरसाली गांव से रवाना हुई।
ढोल-दमाऊ और रणसिंघा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ यह यात्रा निकाली गई, जिसने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।
श्रद्धालुओं ने रास्ते भर पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे नियमों का पालन करें और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखें।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, परिवहन और ठहरने की बेहतर व्यवस्था की गई है।
पहाड़ी इलाकों में ठंड को देखते हुए अतिरिक्त तैयारियां भी की गई हैं।
केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट कब खुलेंगे?
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे।
इसके साथ ही चारधाम यात्रा का पूरा क्रम शुरू हो जाएगा।
हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं।
रिकॉर्ड पंजीकरण से बढ़ा उत्साह
इस बार यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
अब तक करीब 18.9 लाख लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
इनमें सबसे ज्यादा पंजीकरण केदारनाथ के लिए हुआ है, जिससे यात्रा की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
क्या है चारधाम यात्रा का महत्व?
चारधाम यात्रा सनातन धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक मानी जाती है।
यह यात्रा हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होकर यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक जाती है।
मान्यता है कि इस यात्रा से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
