अक्षय तृतीया पर प्रयागराज संगम में आस्था का सैलाब उमड़ा, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

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अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर अक्षय तृतीया संगम स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अक्षय तृतीया संगम स्नान के लिए रविवार सुबह से ही लोग प्रयागराज संगम पहुंचने लगे। धार्मिक आस्था से भरे इस दिन हजारों लोगों ने पवित्र जल में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

पूरे संगम क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला, जहां हर उम्र के लोग इस खास दिन का महत्व समझते हुए शामिल हुए।

सुबह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रयागराज संगम पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया था।

लोग दूर-दूर से यहां पहुंचे और गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान किया। प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए विशेष इंतजाम किए थे।

सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए घाटों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई।

स्नान और पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन किया गया स्नान, दान और पूजा का फल कभी समाप्त नहीं होता।

इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाते हैं और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

कई लोगों ने पूजा-पाठ के साथ-साथ दान-पुण्य भी किया।

श्रद्धालुओं ने जताई आस्था

संगम पर आई श्रद्धालु प्रतिभा राय ने बताया कि वे परिवार के साथ इस शुभ अवसर पर स्नान करने आई हैं।

उन्होंने कहा कि इस दिन स्नान करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं।

वहीं अनीता यादव ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन दान करने का विशेष महत्व है, जिससे कई गुना फल मिलता है।

स्वास्थ्य और सुख-शांति की कामना

एक अन्य श्रद्धालु स्नेहा ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार और देश की सुख-शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है।

उनके अनुसार, महामारी के बाद से लोगों ने स्वास्थ्य के महत्व को और अधिक समझा है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस दिन अच्छे कर्म करने और बड़ों का आशीर्वाद लेने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।

परशुराम जयंती का भी रहा खास महत्व

इस दिन भगवान परशुराम जयंती भी मनाई जाती है, जिससे धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।

संगम पर मौजूद पुजारियों के अनुसार, इस दिन पूजा और दान का विशेष फल मिलता है।

लोगों ने ब्राह्मणों को दान देकर अपने जीवन में सुख और समृद्धि की कामना की।

क्या है अक्षय तृतीया का संदेश?

अक्षय तृतीया का अर्थ है – ऐसा दिन जिसका फल कभी समाप्त न हो।

इस दिन किए गए अच्छे कार्य, दान और पूजा का महत्व लंबे समय तक बना रहता है।

धार्मिक दृष्टि से यह दिन सकारात्मक ऊर्जा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है।


Source: स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं से बातचीत

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