बिहार के स्कूलों में मोबाइल चलाना पर रोक लगा दी गई है, अब पढ़ाई और अनुशासन पर रहेगा पूरा फोकस।
बिहार के स्कूलों में मोबाइल बैन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार के सीतामढ़ी और दलसिंह सराय में यह आदेश जारी किया गया है, जहां प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार और डॉ प्रभात रंजन ने सख्त निर्देश दिए हैं। बिहार स्कूल मोबाइल बैन के तहत शिक्षकों को समय पर स्कूल आने, ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने और मोबाइल फोन विद्यालय प्रधान के पास जमा करने का निर्देश दिया गया है। शिकायतें मिली थीं कि शिक्षक कक्षा में मोबाइल इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसी वजह से यह कदम उठाया गया।
मोबाइल जमा करना अनिवार्य, छुट्टी में मिलेगा वापस
नए आदेश के अनुसार, सभी शिक्षकों को स्कूल पहुंचते ही अपना मोबाइल फोन विद्यालय प्रधान के पास जमा करना होगा।
स्कूल की छुट्टी होने के बाद ही शिक्षक अपना मोबाइल वापस ले सकेंगे।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा के दौरान कोई भी शिक्षक मोबाइल में व्यस्त न रहे।
समय पर स्कूल आना और ऑनलाइन अटेंडेंस जरूरी
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचें और अपनी ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करें।
यह नियम सभी प्रकार के शिक्षकों और कर्मियों पर लागू होगा।
देरी या लापरवाही पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी।
मिड-डे मील के समय भी मोबाइल इस्तेमाल पर आपत्ति
शिकायतों में यह भी सामने आया कि बच्चों के भोजन (मिड-डे मील) के समय भी कई शिक्षक मोबाइल चलाने में व्यस्त रहते हैं।
इससे बच्चों की देखरेख और अनुशासन प्रभावित होता है।
अब इस तरह की लापरवाही को भी गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी।
बिना अनुमति मोबाइल इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई
निर्देश में साफ कहा गया है कि किसी अत्यावश्यक स्थिति में ही मोबाइल का उपयोग किया जा सकता है।
इसके लिए विद्यालय प्रधान से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
बिना अनुमति मोबाइल का उपयोग आदेश का उल्लंघन माना जाएगा।
निरीक्षण के दौरान यदि शिक्षक मोबाइल के साथ पाए गए या कक्षा खाली मिली, तो सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों और निरीक्षण के बाद लिया गया फैसला
शिक्षा विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शिक्षक कक्षा के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
निरीक्षण में भी यह पाया गया कि कक्षा संचालन प्रभावित हो रहा है और छात्र अनुशासनहीन हो रहे हैं।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी इस पर नाराजगी जताई थी।
शिक्षा सुधार के लिए बड़ा कदम
यह आदेश स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधारने और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
विभाग ने संकेत दिया है कि अब नियमित निरीक्षण होंगे और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
लापरवाही करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
पहले भी जारी हुए थे ऐसे आदेश
इससे पहले भी शिक्षा विभाग और उच्च अधिकारियों द्वारा मोबाइल इस्तेमाल पर रोक के निर्देश दिए गए थे।
कुछ मामलों में शिक्षकों को निलंबित भी किया गया था, लेकिन इसका असर सीमित रहा।
अब नए सिरे से सख्ती लागू की गई है।
अब दिखेगा असली असर
अब यह देखना होगा कि इस सख्त आदेश का स्कूलों में कितना प्रभाव पड़ता है।
यदि नियमों का सही पालन हुआ, तो छात्रों की पढ़ाई और अनुशासन में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
Source: शिक्षा विभाग के निर्देश एवं स्थानीय प्रशासनिक जानकारी
