14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान, 15 को शपथ; बिहार में सियासी हलचल तेज


बिहार में नए सीएम का ऐलान को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नए सीएम का ऐलान 14 अप्रैल को होने की संभावना है, जबकि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण कार्यक्रम तय माना जा रहा है। एनडीए के भीतर बैठकों का दौर शुरू हो गया है और सभी दल अपने-अपने स्तर पर रणनीति बना रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को ही विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव होगा और उसी दिन राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।

14 अप्रैल को विधायक दल की बैठक में फैसला

भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज कर दी है।

पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड ने Shivraj Singh Chouhan को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

वह 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे और उनकी मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता का चयन किया जाएगा।

NDA की संयुक्त बैठक में तय होगा नाम

14 अप्रैल को ही एनडीए के अन्य सहयोगी दलों—जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो—की अलग-अलग बैठकें भी होंगी।

इसके बाद एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।

यह प्रक्रिया गठबंधन के भीतर सहमति बनाने के लिए अहम मानी जा रही है।

15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित हो सकता है।

कार्यक्रम के लिए लोकभवन को तैयार रखा गया है, जबकि बापू सभागार भी विकल्प के तौर पर खाली रखा गया है।

इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah सहित कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

पहले चरण में सीमित मंत्रियों को शपथ

बताया जा रहा है कि पहले चरण में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को ही शपथ दिलाई जाएगी।

इसके बाद कुछ दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा, जिसमें अन्य नेताओं को शामिल किया जाएगा।

यह रणनीति सरकार को जल्दी कार्यशील बनाने के उद्देश्य से अपनाई जा रही है।

14 अप्रैल को होगी नीतीश कैबिनेट की अंतिम बैठक

14 अप्रैल को ही मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक भी प्रस्तावित है।

इस बैठक की अध्यक्षता Nitish Kumar करेंगे और इसमें कई अहम प्रस्तावों पर फैसला हो सकता है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा।

नेताओं की मुलाकातें तेज, अंदरूनी चर्चा जारी

इधर, मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं के मिलने का सिलसिला भी तेज हो गया है।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने मुलाकात कर राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की।

यह संकेत देता है कि सत्ता परिवर्तन को लेकर अंदरूनी स्तर पर लगातार मंथन चल रहा है।

क्या है इस बदलाव का राजनीतिक महत्व?

बिहार में यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य की राजनीति में नई दिशा तय हो सकती है।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नई सरकार किन प्राथमिकताओं पर काम करेगी।

निष्कर्ष: 48 घंटे में बदल सकती है सत्ता की तस्वीर

कुल मिलाकर, बिहार में अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

14 अप्रैल को नए नेता का चयन और 15 अप्रैल को शपथ के साथ राज्य की सत्ता की तस्वीर बदल सकती है।

अब सभी की नजरें एनडीए की बैठक और अंतिम फैसले पर टिकी हैं।


Source: पार्टी सूत्र, राजनीतिक घटनाक्रम और आधिकारिक जानकारी

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