बिहार में बिहार बिजली बिल नया नियम लागू कर दिया गया है, जिससे बिजली की दरें समय के अनुसार बदलेंगी। क्या हुआ, कब हुआ, कहाँ हुआ, किस पर लागू होगा, क्यों लागू किया गया और कैसे काम करेगा—इन सभी सवालों का जवाब इस नए फैसले में मिलता है। बिहार बिजली बिल नया नियम के तहत टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ लागू हुआ है, जिसमें दिन में बिजली सस्ती और शाम को महंगी होगी। यह व्यवस्था पूरे बिहार में लागू की गई है और खासतौर पर स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर असर डालेगी।
क्या है ToD टैरिफ और कैसे करेगा काम?
टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ का मतलब है कि बिजली की कीमत दिन के अलग-अलग समय के अनुसार तय होगी।
इस नई व्यवस्था में दिन को तीन हिस्सों में बांटा गया है—ऑफ-पीक, पीक और सामान्य समय।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफ-पीक समय होगा, जब बिजली सस्ती मिलेगी।
कब सस्ती और कब महंगी होगी बिजली?
नई दरों के अनुसार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली 20% सस्ती होगी।
इस दौरान घरेलू उपभोक्ताओं को 7.42 रुपये प्रति यूनिट के बजाय करीब 5.94 रुपये प्रति यूनिट देना होगा।
वहीं, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली महंगी हो जाएगी।
इस समय घरेलू उपभोक्ताओं को 10% अधिक यानी करीब 8.16 रुपये प्रति यूनिट चुकाना होगा।
किन उपभोक्ताओं पर लागू होगा नियम?
यह नया नियम मुख्य रूप से स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर लागू किया गया है।
एक किलोवाट या उससे अधिक लोड वाले घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को इस व्यवस्था के तहत बिल देना होगा।
हालांकि, कृषि फीडर वाले उपभोक्ताओं को इस नई व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
ज्यादा लोड वालों को देना होगा अधिक शुल्क
बिजली विभाग के अनुसार, 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
ऐसे उपभोक्ताओं से निर्धारित दर से 10% अधिक शुल्क लिया जाएगा।
व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए पीक आवर में दर 20% तक बढ़ सकती है।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
बिजली विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा।
दिन में सस्ती बिजली मिलने से लोग अपने ज्यादा काम उसी समय करने की कोशिश करेंगे।
इससे शाम के समय बिजली की मांग कम होगी और बिजली व्यवस्था पर दबाव घटेगा।
साथ ही, सौर ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि दिन में अधिक बिजली खपत होगी।
उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?
इस नियम के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत का समय बदलना पड़ सकता है।
जो लोग दिन में ज्यादा बिजली इस्तेमाल करेंगे, उनके बिल में कमी आ सकती है।
लेकिन शाम के समय ज्यादा खपत करने वालों का बिल बढ़ सकता है।
क्या बदल जाएगा आपके बिल में?
अब बिजली का बिल केवल यूनिट के हिसाब से नहीं, बल्कि समय के हिसाब से भी तय होगा।
इसका मतलब है कि एक ही यूनिट बिजली की कीमत अलग-अलग समय में अलग होगी।
इससे उपभोक्ताओं को अपने उपयोग को समझदारी से प्लान करना होगा।
निष्कर्ष
बिहार में लागू हुआ ToD टैरिफ बिजली बिलिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव है।
यह व्यवस्था न केवल बिजली खपत के पैटर्न को बदलेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को स्मार्ट तरीके से बिजली उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगी।
आने वाले समय में इसका असर बिजली बचत और खर्च दोनों पर साफ दिखेगा।
Source: बिजली विभाग, भागलपुर आपूर्ति क्षेत्र
