बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बिहार BJP नेतृत्व को लेकर अब स्थिति काफी हद तक साफ होती दिख रही है। हालिया बयान में बिहार BJP नेतृत्व पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने पहली बार खुलकर कहा कि राज्य में अब नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी के हाथ में रहेगा। इस बयान ने लंबे समय से चल रही अटकलों को लगभग खत्म कर दिया है।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान विजय चौधरी ने कहा कि बीजेपी गठबंधन की बड़ी पार्टी है, इसलिए नेतृत्व उसी को करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जेडीयू एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है।
JDU का साफ संदेश: BJP को मिलेगा नेतृत्व
विजय कुमार चौधरी का बयान इस मायने में अहम है कि अब तक जेडीयू की ओर से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख सामने नहीं आया था।
उन्होंने कहा कि गठबंधन में जो पार्टी बड़ी होती है, वही नेतृत्व करती है और इस स्थिति में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है।
इस बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से ही होगा।
नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चा तेज
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद से ही उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही हैं।
विजय चौधरी ने भी संकेत दिए कि इस्तीफे के बाद कैबिनेट स्वतः भंग हो जाएगी और नई सरकार का गठन होगा।
उन्होंने बताया कि नई सरकार का गठन शुभ मुहूर्त में किया जाएगा, जिसकी चर्चा 14 अप्रैल के बाद की जा रही है।
नई सरकार के गठन की प्रक्रिया क्या होगी?
नई सरकार के गठन को लेकर दो संभावित रास्तों पर चर्चा हो रही है।
पहला, एनडीए विधायक दल पहले अपना नेता चुने और उसी के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश किया जाए।
दूसरा, नीतीश कुमार पहले इस्तीफा दें और उसके बाद नया नेता सरकार गठन का दावा पेश करे।
दोनों ही स्थितियों में अंतिम निर्णय राज्यपाल के आमंत्रण के बाद ही होगा।
निशांत कुमार की अटकलों पर विराम
हाल के दिनों में जेडीयू के कुछ नेताओं ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को संभावित मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया था।
हालांकि, विजय चौधरी के बयान के बाद इन अटकलों पर विराम लगता दिख रहा है।
अब यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि जेडीयू की ओर से सीएम पद के लिए कोई दावा नहीं किया जाएगा।
दिल्ली रवाना होंगे नीतीश कुमार
विजय चौधरी ने यह भी पुष्टि की कि नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे और 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।
उन्होंने इसे संवैधानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि यह निर्णय पार्टी और नेता के स्तर पर लिया गया है।
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि बिहार के लोगों को यह फैसला पूरी तरह पसंद नहीं आया है।
क्या कहता है राजनीतिक समीकरण?
बिहार में बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन पिछले दो दशकों से सत्ता में है।
अब तक मुख्यमंत्री पद जेडीयू के पास रहा है, लेकिन पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना मजबूत हो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू कर सकता है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नीतीश कुमार कब इस्तीफा देते हैं और एनडीए का नया नेता कौन चुना जाता है।
इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि बिहार की नई सरकार किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
फिलहाल, जेडीयू के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता के समीकरण में बड़ा बदलाव तय है।
Source: मीडिया रिपोर्ट्स
