11 साल बाद गिरफ्त में गैंगस्टर भोला सिंह, जानिए गुजरात से CBI के हत्थे चढ़े गैंगस्टर भोला सिंह के बारे में


 

बिहार क्राइम में बड़ी कार्रवाई करते हुए भोला सिंह गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को फिर साबित किया है। इस भोला सिंह गिरफ्तारी मामले में CBI ने 11 साल से फरार चल रहे मोस्ट वांटेड अपराधी को गुजरात के सूरत से दबोचा। आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर वहां रहना शुरू कर दिया था, लेकिन तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के जरिए आखिरकार वह पकड़ा गया।

यह गिरफ्तारी न सिर्फ एक पुराने केस को नई दिशा देती है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ एजेंसियों की लगातार कार्रवाई को भी दिखाती है।

11 साल से फरार, सूरत में बदली पहचान

भोला सिंह लंबे समय से पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था।

वह बिहार के पटना जिले के पंडारक का निवासी है और कई गंभीर मामलों में वांछित था।

CBI के मुताबिक, उसने सूरत में “अमित शर्मा” नाम से फर्जी पहचान बनाई और वहीं छिपकर रह रहा था।

लगातार बदलते ठिकानों और पहचान के कारण उसे पकड़ना आसान नहीं था।

किडनैपिंग केस से जुड़ा मामला

यह गिरफ्तारी 2014 के एक अपहरण मामले से जुड़ी है, जिसमें कोलकाता के दो लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस केस की जांच CBI को सौंपी गई थी।

जांच के दौरान भोला सिंह का नाम सामने आया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

11 केस दर्ज, कई बड़े अपराधों में शामिल

भोला सिंह पर बिहार के विभिन्न थानों में कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इनमें हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह कई चर्चित वारदातों में शामिल रहा है, जिनमें खुलेआम हत्या की घटनाएं भी शामिल हैं।

उसकी गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।

टेक्निकल सर्विलांस से मिला सुराग

CBI ने इस मामले में आधुनिक तकनीक और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया।

टेक्निकल सर्विलांस के जरिए उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई गई।

इसके बाद टीम ने सूरत में जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया है।

अपराध की दुनिया में कैसे रखा कदम?

भोला सिंह की शुरुआत एक सामान्य पृष्ठभूमि से हुई थी।

बताया जाता है कि उसने CRPF में भर्ती होकर कमांडो ट्रेनिंग भी ली थी।

लेकिन बाद में वह अपराध की दुनिया में उतर गया और एक बाहुबली के साथ काम करने लगा।

समय के साथ उसने खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया और कई बड़े अपराधों को अंजाम दिया।

बाहुबली से टकराव और बढ़ा विवाद

शुरुआत में भोला सिंह एक प्रभावशाली नेता के साथ काम करता था, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद हो गया।

बताया जाता है कि आर्थिक विवाद के चलते यह टकराव बढ़ा और दोनों अलग हो गए।

इसके बाद भोला सिंह ने स्वतंत्र रूप से आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं।

इसी दौरान उसने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया।

तीन लेयर सुरक्षा में रहता था गैंगस्टर

भोला सिंह अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहता था।

उसने अपने चारों ओर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था बना रखी थी, जिसमें शूटर उसकी सुरक्षा करते थे।

इस वजह से उसके खिलाफ कार्रवाई करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।

फिर भी एजेंसियों ने धैर्य और रणनीति के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

CBI की गिरफ्तारी के बाद अब बिहार पुलिस भी उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

पूछताछ के दौरान कई और मामलों के खुलासे होने की संभावना है।

यह भी जांच की जाएगी कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों का समर्थन मिला।

आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।


Source: CBI और पुलिस इनपुट

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