'नया बिहार है, यहां गोली का जवाब तोप से मिलेगा...', भागलपुर हत्याकांड पर गरमाई सियासत, मांझी का तीखा बयान

 



बिहार में Bhagalpur EO Murder ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस Bhagalpur EO Murder के बाद जहां पुलिस की त्वरित कार्रवाई चर्चा में है, वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है। सुल्तानगंज में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के बाद राज्यभर में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

इस बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराकर मामले में तेजी दिखाई है, जिससे अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

क्या है पूरा हत्याकांड?

भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद में मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अपराधियों ने दिनदहाड़े कार्यालय में घुसकर गोलीबारी कर दी।

इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई, जबकि सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया और प्रशासनिक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए।

पुलिस का त्वरित एक्शन

घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को एनकाउंटर में मार गिराया।

बताया जा रहा है कि आरोपी स्थानीय राजनीतिक नेटवर्क से जुड़ा था। पुलिस की इस कार्रवाई को तेज और निर्णायक माना जा रहा है।

इस एनकाउंटर के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की सख्ती का संदेश देने की कोशिश भी देखी जा रही है।

मांझी का बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि “यह नया बिहार है, यहां गोली का जवाब तोप से दिया जाएगा।” उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।

मांझी ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे सख्त कानून व्यवस्था का संकेत बताया।

सरकार की ओर से सहायता और सम्मान

घटना के बाद मुख्यमंत्री ने मृतक अधिकारी के परिवार के लिए 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की।

इसके साथ ही अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्देश दिया गया।

सरकार ने इसे कर्तव्य निभाते हुए दिया गया सर्वोच्च बलिदान बताया और परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।

विपक्ष का हमला

इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

राजद ने कहा कि यह घटना राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदाहरण है। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि जब अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कानून व्यवस्था पर फिर बहस

भागलपुर की यह घटना एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस का केंद्र बन गई है।

एक तरफ पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता बता रहा है।

यह मुद्दा आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग ले सकता है।

और नया पुराने
हमसे जुड़ें
1

बड़ी खबर सबसे पहले पाएं!

देश, बिहार और नौकरी से जुड़ी हर बड़ी अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।

👉 अभी WhatsApp चैनल जॉइन करें
होम क्विज वीडियो नोट्स NCERT