अहम खबर: पटना NEET रेप-मौत केस में आज जमानत पर फैसला
पटना NEET रेप-मौत केस में आज एक अहम न्यायिक सुनवाई होने जा रही है। पटना की पॉक्सो कोर्ट में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर बुधवार (11 मार्च) को सुनवाई होगी। इस पटना NEET रेप-मौत केस की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। अदालत यह तय करेगी कि आरोपी को जमानत मिलेगी या उसे न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। मामले की गंभीरता और जांच की स्थिति को देखते हुए इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यह मामला पहले ही राज्यभर में चर्चा का विषय बन चुका है और न्यायिक प्रक्रिया के हर चरण पर पीड़ित पक्ष तथा प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।
पॉक्सो कोर्ट में आज होगी अहम सुनवाई
पटना की विशेष पॉक्सो कोर्ट में बुधवार को इस मामले की सुनवाई निर्धारित है। आरोपी मनीष रंजन फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और पटना के बेउर जेल में बंद हैं।
उनकी ओर से दायर जमानत याचिका पर अदालत आज दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी। इसके बाद अदालत यह फैसला कर सकती है कि आरोपी को जमानत दी जाए या नहीं।
इस सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे मामले की आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।
पिछली सुनवाई में जमानत का हुआ था विरोध
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान आरोपी मनीष रंजन के वकील ने अदालत से जमानत देने की मांग की थी। उनका कहना था कि जांच एजेंसियों को अब आरोपी की जरूरत नहीं है।
हालांकि पीड़ित परिवार के वकील एस.के. पांडेय ने इस मांग का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने अदालत में कहा था कि मामला बेहद गंभीर है और आरोपी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए।
पीड़ित पक्ष का तर्क था कि जमानत मिलने से जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
CBI और पुलिस के बयान पर कोर्ट ने उठाए सवाल
इस केस की जांच पहले पटना पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसे CBI को सौंप दिया गया। अदालत में पुलिस और CBI दोनों ने यह कहा था कि जांच के लिए उन्हें आरोपी मनीष रंजन की फिलहाल जरूरत नहीं है।
इस बयान पर कोर्ट ने सवाल उठाया था। अदालत ने पूछा कि यदि जांच एजेंसी को आरोपी की जरूरत नहीं है, तो वह अब भी जेल में क्यों बंद है।
इसी सवाल के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 11 मार्च की तारीख तय की थी।
बेउर जेल में ही मनानी पड़ी होली
मामले की पिछली सुनवाई 2 मार्च को हुई थी। उसी दिन अदालत ने अगली तारीख 11 मार्च तय कर दी थी।
इसके कारण आरोपी मनीष रंजन को इस बार होली भी बेउर जेल में ही मनानी पड़ी। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में बंद हैं और जमानत याचिका पर अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
जेल प्रशासन के अनुसार, वह अन्य बंदियों की तरह सामान्य कैदी प्रक्रिया के तहत ही जेल में रह रहे हैं।
बाद में जोड़ी गई पॉक्सो एक्ट की धारा
जब CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी, उस समय केस में पॉक्सो एक्ट की धारा शामिल नहीं की गई थी। इसे लेकर अदालत ने भी कड़ी टिप्पणी की थी।
कोर्ट ने पूछा था कि यदि मामला नाबालिग से जुड़ा है तो पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया।
इसके बाद सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के आधार पर CBI ने अपने दर्ज मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा जोड़ दी। इससे केस की कानूनी प्रकृति और भी गंभीर हो गई।
जांच में अब तक ठोस सबूत नहीं मिलने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार CBI की टीम ने पटना और जहानाबाद सहित कई स्थानों पर जांच की है। कई लोगों से पूछताछ भी की गई है और हॉस्टल से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।
हालांकि चर्चा यह भी है कि अब तक एजेंसी को इस मामले में कोई निर्णायक या ठोस सबूत नहीं मिला है।
इस मुद्दे पर पीड़ित परिवार लगातार सवाल उठा रहा है और जांच की गति को लेकर चिंता व्यक्त कर रहा है।
क्यों अहम है आज की सुनवाई
आज की सुनवाई कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पहला, अदालत यह तय कर सकती है कि आरोपी को जमानत मिलनी चाहिए या नहीं। दूसरा, यह फैसला जांच की दिशा और केस की कानूनी स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है।
इसके अलावा इस मामले में पहले से ही सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा हो चुकी है, इसलिए कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Source: न्यायालयीय कार्यवाही व जांच एजेंसी से जुड़ी आधिकारिक जानकारी