बड़ा अपडेट: बिहार में 5 राजस्व अधिकारियों के इस्तीफे मंजूर, 3 महिला अधिकारी शामिल
बिहार राजस्व अधिकारियों के इस्तीफे को लेकर एक अहम प्रशासनिक फैसला सामने आया है। पटना में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार राजस्व अधिकारियों के इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। यह फैसला जिलाधिकारियों की अनुशंसा और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया गया। पांच अधिकारियों में तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल हैं। विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर त्यागपत्र को उनकी आवेदन तिथि से प्रभावी मान लिया है।
यह निर्णय राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिलाधिकारियों की अनुशंसा के बाद लिया गया निर्णय
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, इन अधिकारियों के इस्तीफे जिलाधिकारियों की अनुशंसा के आधार पर स्वीकार किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों ने पहले ही अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।
विभाग ने सभी मामलों की समीक्षा की और नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद अंतिम मंजूरी दी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस्तीफों को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की।
आदेश जारी होने के साथ ही सभी त्यागपत्र उनकी आवेदन तिथि से प्रभावी मान लिए गए हैं।
वैशाली और रोहतास के दो अधिकारियों का इस्तीफा मंजूर
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार वैशाली जिले के गोरौल अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी अंशु कुमार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। उनका त्यागपत्र 19 दिसंबर 2025 से प्रभावी माना गया है।
इसी तरह रोहतास जिले के बिक्रमगंज में पदस्थापित रहे राजस्व अधिकारी राजन कुमार का इस्तीफा भी मंजूर किया गया है। विभाग ने उनका त्यागपत्र 26 जून 2025 से प्रभावी मानते हुए स्वीकार कर लिया है।
दोनों मामलों में विभागीय औपचारिकताएं पूरी करने के बाद स्वीकृति दी गई।
तीन महिला अधिकारियों के इस्तीफे को भी मंजूरी
पांच अधिकारियों में तीन महिला अधिकारी भी शामिल हैं जिनके त्यागपत्र को मंजूरी दी गई है।
सारण जिले के परसा में कार्यरत रहीं राजस्व अधिकारी शिवांगी पांडेय का इस्तीफा 7 मई 2025 से प्रभावी माना गया है। वहीं रोहतास जिले के राजपुर की तत्कालीन अंचलाधिकारी अंकिता वर्मा का त्यागपत्र 27 अगस्त 2024 से स्वीकार किया गया है।
इसके अलावा वैशाली जिले के हाजीपुर सदर की राजस्व अधिकारी स्मृति कुमारी का इस्तीफा भी मंजूर किया गया है, जिसे 20 अगस्त 2025 से प्रभावी माना गया है।
विभाग ने जारी किया औपचारिक आदेश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी मामलों में नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया का पालन किया गया है।
संबंधित अधिकारियों के त्यागपत्रों को उनकी आवेदन तिथि से प्रभावी माना गया है। विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही यह फैसला लिया गया।
इस आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों की सेवा समाप्त मानी जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या होगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व विभाग प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण विभाग है क्योंकि जमीन, राजस्व और भूमि रिकॉर्ड से जुड़े अधिकांश काम इसी विभाग के माध्यम से होते हैं।
ऐसे में अधिकारियों के इस्तीफे के बाद संबंधित पदों पर नई नियुक्ति या तबादले की प्रक्रिया शुरू हो सकती है ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
सरकारी स्तर पर आमतौर पर ऐसे मामलों में जिलास्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।
क्या है बिहार राजस्व सेवा की भूमिका
बिहार राजस्व सेवा राज्य प्रशासन की एक महत्वपूर्ण सेवा मानी जाती है। इसके अधिकारी भूमि विवाद, राजस्व संग्रह, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और अंचल स्तर के प्रशासनिक कार्यों को संभालते हैं।
अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी जिले के प्रशासनिक ढांचे में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए इनके पदों पर नियुक्ति और इस्तीफा दोनों ही प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
Source: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार