बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पोस्ट के जरिए संकेत दिया कि वे अब राज्यसभा की ओर रुख कर सकते हैं। नीतीश कुमार के इस फैसले ने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। क्या, कब, क्यों और कैसे वे राज्यसभा जाएंगे—इस पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। 21वीं सदी में बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा रहे नीतीश कुमार ने करीब दो दशकों से अधिक समय तक राज्य का नेतृत्व किया है। ऐसे में उनका राज्यसभा जाना कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
नीतीश कुमार न केवल बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल हैं, बल्कि उनकी राजनीतिक यात्रा भी कई उतार-चढ़ाव से भरी रही है।
कौन हैं नीतीश कुमार? जानें पारिवारिक और शैक्षिक इतिहास
नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर में हुआ था। उनके पिता राम लखन सिंह आयुर्वेदिक चिकित्सक थे, जबकि उनकी मां परमेश्वरी देवी गृहिणी थीं।
कुर्मी (पिछड़ा वर्ग) समुदाय से आने वाले नीतीश कुमार की शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई। बाद में उन्होंने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब NIT पटना) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए बिहार स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में काम किया। इसी दौरान वे समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से प्रभावित हुए और राजनीति में सक्रिय हो गए।
नीतीश कुमार का परिवार: पत्नी और बेटे के बारे में जानें
नीतीश कुमार की शादी 22 फरवरी 1973 को मंजू कुमारी सिन्हा से हुई थी। मंजू कुमारी बिहार में सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं और उन्होंने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
साल 2007 में बीमारी के कारण मंजू कुमारी का निधन हो गया। इसके बाद से नीतीश कुमार सार्वजनिक जीवन में अकेले ही नजर आते हैं।
उनका एक बेटा निशांत कुमार है। निशांत ने BIT मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वे अब तक राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं और कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे राजनीति में नहीं आएंगे।
हालांकि, हाल के दिनों में यह चर्चा भी तेज हुई है कि भविष्य में वे राजनीति में कदम रख सकते हैं।
परिवार में और कौन-कौन हैं?
नीतीश कुमार के परिवार में कुल पांच भाई-बहन हैं। उनके बड़े भाई सतीश कुमार किसान हैं।
इसके अलावा उनकी तीन छोटी बहनें उषा देवी, इंदु देवी और प्रभा देवी हैं। परिवार के अधिकतर सदस्य सार्वजनिक जीवन और राजनीति से दूर रहते हैं।
नीतीश कुमार ने हमेशा अपने परिवार को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखा है। यही वजह है कि उनके निजी जीवन के बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आती है।
पहला चुनाव हारे, फिर बने बिहार की राजनीति का बड़ा चेहरा
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने 1977 में पहली बार बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद 1985 में उन्होंने चुनाव जीता और पहली बार विधायक बने। धीरे-धीरे वे राज्य की राजनीति में मजबूत होते गए।
1987 में वे लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष बने और इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी पहचान बढ़ने लगी।
सांसद से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का सफर
1989 में नीतीश कुमार बाढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद उनका राष्ट्रीय राजनीति में प्रभाव बढ़ता गया।
वे केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। इनमें शामिल हैं:
- केंद्रीय कृषि और सहकारिता मंत्री
- केंद्रीय रेल मंत्री
- भूतल परिवहन मंत्री
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वे अहम मंत्री रहे।
1999 में गैसल ट्रेन दुर्घटना के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। यह फैसला उनकी राजनीतिक छवि के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली शुरू की थी, जो आज भी रेलवे में इस्तेमाल हो रही है।
10 बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड
नीतीश कुमार पहली बार मार्च 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बने, लेकिन उनका पहला कार्यकाल केवल 7 दिन का रहा।
इसके बाद उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री पद संभाला। वे 2005, 2010, 2013, 2015, 2017, 2020, 2022, 2024 और 2025 में मुख्यमंत्री बने।
इस तरह वे कुल 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। पिछले लगभग 20 सालों में बिहार की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बना रहा है।
कितनी है नीतीश कुमार की संपत्ति?
बिहार सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार की कुल संपत्ति लगभग 1.65 करोड़ रुपये है।
उनकी चल संपत्ति लगभग 16.97 लाख रुपये बताई गई है।
दिलचस्प बात यह है कि उनके पास:
- 13 गाय और 10 बछड़े
- एक फोर्ड इकोस्पोर्ट कार
- लगभग 21 हजार रुपये नकद
इसके अलावा उनके बैंक खातों में लगभग 60 हजार रुपये जमा हैं।
अचल संपत्ति में दिल्ली के द्वारका में 1000 स्क्वायर फुट का एक फ्लैट शामिल है, जिसे उन्होंने 2004 में खरीदा था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.48 करोड़ रुपये बताई जाती है।
राज्यसभा जाने की खबर क्यों अहम मानी जा रही?
अगर नीतीश कुमार वास्तव में राज्यसभा जाते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।
क्योंकि वे लंबे समय से राज्य की सत्ता के केंद्र में रहे हैं। ऐसे में उनका राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होना राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले से बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में क्या असर पड़ता है।
Source: मीडिया रिपोर्ट्स / सार्वजनिक जानकारी