जन-गण-मन अधिनायक जय हे

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जन-गण-मन अधिनायक जय हे

भारत भाग्य विधाता।
पंजाब-सिंधु-गुजरात-मराठा
द्रविड़-उत्कल-बंग।
विंध्य-हिमाचल-यमुना-गंगा
उच्छल जलधि तरंग।
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशीष मागे
गाहे तव जयगाथा।
जन-गण-मंगलदायक जय हे
भारत भाग्य विधाता।
जय हे जय हे जय हे जय जय जय हे

भारत के राष्ट्रगान का अर्थ:
राष्ट्रगान की शुरुआत सर्वशक्तिमान ईश्वर की महिमा से होती है, जो देश के भाग्य का मार्गदर्शक है: “जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता”
इसका अंग्रेजी अनुवाद होगा: “We bow to the ruler of our minds, the dispenser of India’s destiny.”
महत्वपूर्ण तथ्य:
• लेखक: रवींद्रनाथ टैगोर।
• अवधि: 52 सेकंड।
• गाय जाने का समय: 27 दिसंबर 1911 को पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में।
सभी भारतीयों के लिए गर्व और उत्सव
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