
रांची में रामनवमी महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तपोवन मंदिर प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उन्हें 27 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले रामनवमी महोत्सव में शामिल होने का न्योता दिया। यह मुलाकात रांची में हुई, जहां महंत ओम प्रकाश शरण के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सपरिवार आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार किया और राज्यवासियों से इस पर्व को शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।
रामनवमी महोत्सव के लिए खास निमंत्रण
रांची के निवारणपुर स्थित तपोवन मंदिर की ओर से यह प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पहुंचा। महंत ओम प्रकाश शरण के साथ मंदिर समिति के सदस्य प्रणय कुमार वर्मा, अयोध्या दास और आशुतोष दास भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पूरे सम्मान के साथ आमंत्रित किया और कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। यह महोत्सव हर साल बड़े स्तर पर आयोजित होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
27 मार्च को होगा भव्य आयोजन
इस साल रामनवमी महोत्सव 27 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान, शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे।
मंदिर समिति के अनुसार, इस बार आयोजन को और भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं और अपील
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए सभी राज्यवासियों को रामनवमी की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व आस्था और परंपरा का प्रतीक है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस त्योहार को शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाएं। किसी भी तरह की अफवाह या तनाव से दूर रहकर समाज में सकारात्मक संदेश दें।
इस फैसले से लोगों को क्या असर पड़ेगा?
रामनवमी जैसे बड़े पर्व पर मुख्यमंत्री की सक्रियता और अपील का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल बनता है।
इस फैसले से लोगों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने का भरोसा मिलेगा। साथ ही, धार्मिक आयोजनों में अनुशासन और सहयोग की भावना मजबूत होगी।
प्रशासन भी रहेगा सतर्क
रामनवमी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में रहता है। रांची समेत अन्य जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की संभावना है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष तैयारी की जाएगी।
सामाजिक सौहार्द पर जोर
झारखंड जैसे विविधता वाले राज्य में रामनवमी का पर्व सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री की अपील इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देती है।
धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इससे राज्य की सकारात्मक छवि भी मजबूत होती है।
Source: स्थानीय प्रशासनिक जानकारी व आधिकारिक बयान