बड़ा अपडेट: नीतीश के बाद कौन होगा बिहार का CM? गिरिराज सिंह का बयान

 


बड़ा अपडेट: नीतीश के बाद कौन होगा बिहार का CM? गिरिराज सिंह का बयान

बिहार की राजनीति में Bihar New CM को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि अगर वह राज्यसभा जाते हैं तो Bihar New CM कौन बनेगा। पटना और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर हलचल तेज है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति और मर्जी से ही तय होगा।


राज्यसभा जाने के फैसले से बढ़ी सियासी हलचल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।

उन्होंने लिखा कि सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने राज्यसभा जाने का फैसला किया है।

इस ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। अगर वह राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं, तो संवैधानिक रूप से उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।

ऐसी स्थिति में राज्य में नई सरकार और नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।


गिरिराज सिंह का बड़ा बयान

नए मुख्यमंत्री के सवाल पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बयान सामने आया है।

उन्होंने कहा कि बिहार में अगला मुख्यमंत्री गठबंधन के भीतर बातचीत के बाद तय होगा, लेकिन इस फैसले में नीतीश कुमार की सहमति बेहद महत्वपूर्ण होगी।

गिरिराज सिंह के मुताबिक, एनडीए गठबंधन में सभी दल मिलकर फैसला करेंगे और नीतीश कुमार की राय को भी पूरी अहमियत दी जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।


होली के बीच बड़ा राजनीतिक बदलाव

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस साल की होली बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दे सकती है।

करीब दो दशकों से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने 2005 से राज्य की राजनीति का नेतृत्व किया है। अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में भी उन्होंने सत्ता की कमान संभाली।

अब अगर वह राज्यसभा की राजनीति में जाते हैं, तो बिहार में नेतृत्व परिवर्तन का नया दौर शुरू हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव राज्य की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।


भाजपा के ‘बड़े भाई’ बनने की चर्चा

अब तक एनडीए गठबंधन में जेडीयू को प्रमुख भूमिका में देखा जाता रहा है।

लेकिन अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, तो सत्ता संतुलन बदल सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में भाजपा राज्य सरकार में अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सकती है।

कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आने वाले समय में भाजपा बिहार की राजनीति में नेतृत्व की मुख्य भूमिका निभाने की कोशिश कर सकती है।


मुख्यमंत्री पद की रेस में कई नाम

नए मुख्यमंत्री को लेकर भाजपा के कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।

सबसे प्रमुख नाम डिप्टी सीएम Samrat Choudhary का बताया जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

इसके साथ ही डिप्टी सीएम Vijay Kumar Sinha और भाजपा नेता Sanjeev Chaurasia का नाम भी राजनीतिक हलकों में चर्चा में है।

हालांकि अभी तक किसी नाम पर आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और एनडीए गठबंधन की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।


नित्यानंद राय के आवास पर बढ़ी हलचल

नए मुख्यमंत्री की चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के आवास पर समर्थकों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।

बताया जा रहा है कि उनके समर्थक लगातार वहां पहुंचकर समर्थन जता रहे हैं। भाजपा के भीतर नित्यानंद राय को एक प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है।

यादव समुदाय से आने के कारण उन्हें बिहार की जातीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।


जातीय समीकरण साधने की रणनीति

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं होगा।

यह जातीय और राजनीतिक समीकरणों को साधने की रणनीति का भी हिस्सा हो सकता है।

अगर भाजपा किसी ऐसे नेता को आगे लाती है जो बड़े सामाजिक समूह का प्रतिनिधित्व करता हो, तो इससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले का असर आगामी चुनावी राजनीति पर भी पड़ सकता है।


आगे क्या होगा?

फिलहाल बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की इच्छा के बाद राजनीतिक दलों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।

आने वाले दिनों में एनडीए नेतृत्व की बैठक और राजनीतिक घटनाक्रम यह तय करेंगे कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक सियासी अटकलों का दौर जारी रहने की संभावना है।


Source: मीडिया रिपोर्ट्स / राजनीतिक बयान

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