राज्यसभा सीट नहीं मिली, फिर भी चिराग पासवान क्यों शांत
पटना: बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा राज्यसभा सीट को लेकर Chirag Paswan के रुख की हो रही है। दरअसल, एनडीए ने बिहार से राज्यसभा के लिए अपने पांच उम्मीदवार तय कर दिए हैं, लेकिन इनमें राज्यसभा सीट पर चिराग पासवान की पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि पहले दावा किया जा रहा था कि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें एक राज्यसभा सीट का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने नाराजगी नहीं जताई। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार इसके पीछे एक नई सियासी डील की चर्चा हो रही है, जिससे भविष्य में उनकी पार्टी को अलग तरीके से राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल राज्यसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नए समीकरण भी बना सकता है।
राज्यसभा चुनाव में NDA ने तय किए उम्मीदवार
बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए ने अपने पांच उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार इनमें
- दो उम्मीदवार Bharatiya Janata Party से
- दो उम्मीदवार Janata Dal (United) से
- और एक उम्मीदवार Rashtriya Lok Morcha से हैं।
इन नामों के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि इस बार Lok Janshakti Party (Ram Vilas) को राज्यसभा में कोई सीट नहीं मिली है।
यही कारण है कि राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा कि आखिर चिराग पासवान ने इस पर कोई नाराजगी क्यों नहीं जताई।
विधानसभा चुनाव के समय क्या थी मांग
दरअसल, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सीट बंटवारे को लेकर चिराग पासवान की पार्टी और एनडीए के बीच लंबी बातचीत हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में चिराग पासवान ने 41 सीटों की मांग की थी। बाद में यह संख्या घटकर 36 सीटों तक आई।
अंततः समझौते के तहत उनकी पार्टी 29 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गई थी। उसी समय यह चर्चा भी सामने आई थी कि उन्हें भविष्य में एक राज्यसभा सीट का मौका दिया जा सकता है।
हालांकि वर्तमान राज्यसभा चुनाव में ऐसा नहीं हुआ।
नई सियासी डील की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार चिराग पासवान को राज्यसभा सीट नहीं मिलने के पीछे एक नई रणनीति काम कर रही है।
बताया जा रहा है कि राज्यसभा सीट के बदले उनकी पार्टी को Bihar Legislative Council यानी बिहार विधानपरिषद में प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में लोजपा (रामविलास) को एक एमएलसी सीट दी जा सकती है। इससे उच्च सदन में पार्टी का प्रतिनिधि होगा।
फिलहाल बिहार विधानपरिषद में चिराग पासवान की पार्टी का एक भी सदस्य नहीं है।
मंत्री पद को लेकर भी चर्चा
सियासी हलकों में यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में बिहार सरकार में चिराग पासवान की पार्टी की भूमिका और बढ़ सकती है।
वर्तमान में राज्य सरकार में लोजपा (रामविलास) कोटे से दो मंत्री हैं। इनमें
- Sanjay Kumar
- Sanjay Kumar Singh
शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार भविष्य में पार्टी से एक और विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो राज्य सरकार में पार्टी की भागीदारी बढ़ जाएगी।
2020 के बाद से विधानमंडल में नहीं था प्रतिनिधित्व
राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखें तो 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद लोजपा (रामविलास) की स्थिति काफी कमजोर रही थी।
उस चुनाव में पार्टी से केवल एक विधायक Rajkumar Singh जीत पाए थे। बाद में उन्होंने भी जदयू का दामन थाम लिया।
इसके बाद 2020 से 2025 तक बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में लोजपा (रामविलास) का कोई प्रतिनिधि नहीं रहा।
अगर नई राजनीतिक व्यवस्था के तहत पार्टी को विधानपरिषद में सीट मिलती है तो यह स्थिति बदल सकती है।
राज्यसभा में भी पार्टी का नहीं है प्रतिनिधि
राज्यसभा के संदर्भ में भी पार्टी की स्थिति लंबे समय से खाली रही है।
लोजपा से अंतिम बार राज्यसभा में प्रतिनिधित्व दिवंगत केंद्रीय मंत्री Ram Vilas Paswan के रूप में था।
उनके बाद से पार्टी का कोई भी नेता राज्यसभा का सदस्य नहीं बना है। यही वजह है कि राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भविष्य में एनडीए के भीतर सीट बंटवारे में पार्टी को मौका मिल सकता है।
आगे क्या हो सकता है
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चिराग पासवान और एनडीए के बीच रिश्ते फिलहाल मजबूत दिख रहे हैं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ उनकी राजनीतिक समझ और तालमेल भी कई मौकों पर दिखाई देता रहा है।
ऐसे में यह माना जा रहा है कि भले ही इस बार राज्यसभा सीट नहीं मिली हो, लेकिन भविष्य में एनडीए के भीतर उन्हें किसी अन्य बड़े पद या प्रतिनिधित्व का मौका दिया जा सकता है।
फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले समय में इसके राजनीतिक परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
Source: राजनीतिक सूत्र / मीडिया रिपोर्ट