बड़ा फैसला: बिहार में 45 हजार शिक्षक भर्ती का ऐलान, बड़ा अपडेट

 


बिहार में 45 हजार शिक्षक भर्ती का ऐलान, बड़ा अपडेट

अररिया/पटना: बिहार शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बुधवार को Nitish Kumar ने घोषणा की कि राज्य में जल्द ही बिहार शिक्षक भर्ती के तहत 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान अररिया में अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान किया। सरकार का कहना है कि इस बिहार शिक्षक भर्ती से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा व्यवस्था मजबूत बनेगी। यह फैसला कब लागू होगा, कैसे भर्ती होगी और इसका उद्देश्य क्या है—इन सभी सवालों के जवाब भी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दिए।

मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद लाखों अभ्यर्थियों के बीच नई उम्मीद जगी है, क्योंकि लंबे समय से राज्य में शिक्षक बहाली की मांग उठती रही है।


45 हजार नए शिक्षकों की होगी बहाली

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि बिहार में स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पहले भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं। अब इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी।


बिहार में तेजी से बढ़ी शिक्षकों की संख्या

मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में राज्य में सरकारी शिक्षकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि पहले बिहार के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी थी। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू की।

पहले नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति की गई और बाद में Bihar Public Service Commission के माध्यम से भी बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती की गई।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार आज बिहार में सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार से अधिक हो चुकी है।


बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बालिका शिक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 से राज्य सरकार ने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं।

इन योजनाओं में छात्राओं को साइकिल, पोशाक और अन्य सुविधाएं देने की व्यवस्था की गई।

सरकार का दावा है कि इन योजनाओं का सकारात्मक असर देखने को मिला है और स्कूलों में छात्राओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से बिहार में बालिका शिक्षा की स्थिति पहले से बेहतर हुई है।


सड़कों और बुनियादी ढांचे पर भी जोर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में बिहार में सड़कों और पुल-पुलियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया गया है।

इसका फायदा यह हुआ कि राज्य के विभिन्न जिलों से राजधानी Patna तक पहुंचने का समय पहले की तुलना में काफी कम हो गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार पहले कई जिलों से पटना पहुंचने में छह घंटे या उससे अधिक समय लगता था, लेकिन अब कई दूरस्थ जिलों से भी करीब पांच घंटे में राजधानी पहुंचना संभव हो गया है।


विपक्ष पर भी साधा निशाना

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की पुरानी स्थिति का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में कानून व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति काफी खराब थी।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार इन क्षेत्रों में लगातार सुधार के लिए काम कर रही है।


महिलाओं के लिए कई योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कई योजनाएं लागू की हैं।

उन्होंने बताया कि 2015 में Saat Nischay Yojana की शुरुआत की गई थी और 2020 में इसका दूसरा चरण लागू किया गया।

अब सरकार सात निश्चय-3 के तहत भी नई योजनाओं पर काम कर रही है।

इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को रोजगार देना, बुनियादी सुविधाएं बढ़ाना और राज्य के विकास को गति देना है।


शिक्षक भर्ती से क्या होगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि 45 हजार नए शिक्षकों की भर्ती से कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर होगा।

इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और बच्चों को बेहतर पढ़ाई का मौका मिलेगा।

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अगर भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी होती है तो इससे बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार मिल सकता है।


आगे क्या होगा

अब राज्य सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।

संभावना है कि भर्ती प्रक्रिया BPSC या अन्य निर्धारित एजेंसियों के माध्यम से आयोजित की जाएगी।

लाखों अभ्यर्थी इस घोषणा के बाद भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

अगर यह योजना समय पर लागू होती है तो आने वाले वर्षों में बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति और बेहतर हो सकती है।


Source: मुख्यमंत्री का सार्वजनिक संबोधन / मीडिया रिपोर्ट

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