बिहार की राजनीति में चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग अचानक तेज हो गई है। सोमवार को पटना की सड़कों पर ऐसे कई पोस्टर दिखाई दिए जिनमें लिखा था कि चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग अब जनता की आवाज बन रही है। इन पोस्टरों को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से जुड़े नेताओं ने लगाया है। पोस्टरों में युवा नेतृत्व की बात करते हुए चिराग पासवान को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की अपील की गई है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद बिहार में अगले मुख्यमंत्री को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।
पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है और एनडीए के भीतर संभावित नेतृत्व को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
पटना की सड़कों पर दिखे चिराग के समर्थन में पोस्टर
राजधानी पटना में लगाए गए पोस्टरों ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। इन पोस्टरों में बड़े अक्षरों में लिखा गया है –
“ना दंगा हो, ना फसाद हो, बिहार का सीएम सिर्फ चिराग हो।”
पोस्टरों में चिराग पासवान की तस्वीर के साथ उन्हें युवा नेतृत्व का प्रतीक बताया गया है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि यदि चिराग पासवान को नेतृत्व दिया जाता है तो बिहार में विकास का नया दौर शुरू हो सकता है।
इन पोस्टरों को लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष इमाम गजाली की ओर से लगाया गया बताया जा रहा है।
पोस्टर में लिखे गए नारे ने खींचा ध्यान
पोस्टर में कई नारे लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इनमें लिखा गया है –
- “सजाओ इनके सर पर ताज, तभी आएगा बिहार में स्वर्ण काल।”
- “मोदी जी का मिला अपने हनुमान को आशीर्वाद।”
- “चिराग होंगे बिहार के नए सरताज।”
- “बिहार मांगे चिराग।”
- “अब वक्त आ गया है युवा मुख्यमंत्री बनाने का।”
इन नारों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बिहार को युवा नेतृत्व की जरूरत है।
पहले भी उठ चुकी है चिराग को सीएम बनाने की मांग
यह पहला मौका नहीं है जब चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग सामने आई हो।
इससे पहले भी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं।
जमुई के सांसद और चिराग पासवान के जीजाजी अरुण भारती ने भी पहले कहा था कि वे चाहते हैं कि चिराग राज्य की कमान संभालें। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय एनडीए गठबंधन ही करेगा।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा से बढ़ी अटकलें
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा ने बिहार की राजनीति को नई दिशा दे दी है।
इसी चर्चा के बाद यह सवाल उठने लगा कि अगर ऐसा होता है तो राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
यही वजह है कि कई राजनीतिक दलों और नेताओं के नाम संभावित उम्मीदवारों के रूप में सामने आने लगे हैं। चिराग पासवान को लेकर लगाए गए पोस्टर इसी राजनीतिक माहौल के बीच सामने आए हैं।
इन नेताओं के नाम भी चर्चा में
बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई नाम चर्चा में हैं।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से जिन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा लिए जा रहे हैं, उनमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम प्रमुख है। इसके अलावा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और नेता नीतीश मिश्रा के नाम भी चर्चा में हैं।
वहीं जनता दल यूनाइटेड की ओर से मंत्री विजय कुमार चौधरी और श्रवण कुमार के नाम को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
महिला मुख्यमंत्री के नाम भी चर्चा में
बिहार की राजनीति में महिला मुख्यमंत्री को लेकर भी कुछ नाम सामने आए हैं।
इनमें अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी और नेता श्रेयसी सिंह का नाम लिया जा रहा है। इसके अलावा गायत्री देवी का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में शामिल है।
हालांकि अभी तक इन नामों को लेकर किसी भी पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
निशांत कुमार की एंट्री से और तेज हुई बहस
बिहार की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम तब हुआ जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने हाल ही में जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण की।
इसके बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें भी भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में देखने की बात कही।
इस तरह से संभावित नेताओं की सूची और लंबी हो गई है और राजनीतिक चर्चा का दायरा भी बढ़ गया है।
एनडीए के फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम निर्णय एनडीए गठबंधन की बैठक और आपसी सहमति के बाद ही होगा।
तब तक पटना में लगे पोस्टर और नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्माते रहेंगे।
Source: मीडिया रिपोर्ट