
भागलपुर SDM ऑफिस घूस कांड ने सोमवार (30 मार्च) को बिहार के भागलपुर के नाथनगर स्थित SDM कार्यालय में हड़कंप मचा दिया, जब विजिलेंस टीम ने अचानक छापा मारकर दो कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस भागलपुर SDM ऑफिस घूस कांड में क्लर्क और स्टेनो 70 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए। शिकायतकर्ता की सूचना पर पटना से आई टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि पीड़ित कर्मचारी से लगातार पैसे की मांग की जा रही थी और काम लंबित रखा गया था।
SDM ऑफिस में अचानक रेड से मचा हड़कंप
सोमवार को जैसे ही विजिलेंस टीम भागलपुर के SDM कार्यालय पहुंची, पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
सादे कपड़ों में मौजूद अधिकारियों ने पहले से योजना के तहत कार्रवाई की। जैसे ही रिश्वत का लेन-देन हुआ, टीम ने तुरंत दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
इस कार्रवाई के बाद कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों के बीच डर और चर्चा का माहौल बन गया।
70 हजार रुपये की मांग से परेशान था पीड़ित
मामला नाथनगर आपूर्ति कार्यालय में कार्यरत कर्मी अभिजीत कुमार की सर्विस कंफर्मेशन से जुड़ा है।
अभिजीत ने अपनी सेवा संपुष्टि के लिए आवेदन दिया था, लेकिन आरोप है कि क्लर्क मयंक कुमार और स्टेनो प्रेम कुमार लगातार 70 हजार रुपये की मांग कर रहे थे।
पीड़ित ने कई बार बिना पैसे के काम करने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपियों ने फाइल को एक महीने तक लंबित रखा।
आखिरकार, परेशान होकर अभिजीत ने निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
विजिलेंस टीम ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले मामले का गोपनीय सत्यापन कराया।
जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होते ही डीएसपी विद्यांचल प्रसाद के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम बनाई गई।
योजना के अनुसार, पीड़ित को पैसे लेकर कार्यालय भेजा गया।
जैसे ही स्टेनो ने पैसे क्लर्क को देने का इशारा किया और लेन-देन हुआ, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया।
एक महीने से फाइल अटकी थी, पैसे नहीं देने पर दबाव
डीएसपी ने बताया कि सेवा संपुष्टि जैसे जरूरी काम के लिए भी कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा था।
पैसे नहीं देने पर फाइल को जानबूझकर रोका गया, जिससे पीड़ित मानसिक रूप से परेशान था।
इस खुलासे ने सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है।
गिरफ्तारी के बाद पटना ले जाया गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
इसके बाद विजिलेंस टीम उन्हें पटना लेकर रवाना हो गई, जहां उन्हें विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।
आगे की जांच में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
भ्रष्टाचार पर सख्ती का बड़ा संकेत
बिहार में हाल के दिनों में विजिलेंस टीम लगातार सक्रिय दिख रही है।
इस तरह की कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब सख्त कार्रवाई होगी।
इस फैसले से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि सरकारी दफ्तरों में बिना रिश्वत काम होने की उम्मीद बढ़ेगी।
आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा।
अब लोग बिना डर के शिकायत कर सकते हैं और उम्मीद कर सकते हैं कि उनके काम समय पर होंगे।
सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
Source: निगरानी विभाग एवं स्थानीय प्रशासनिक जानकारी