
31 मार्च 2026 पंचांग के अनुसार मंगलवार को त्रयोदशी तिथि, रवि योग और अमृत काल का विशेष संयोग बन रहा है। 31 मार्च 2026 पंचांग बताता है कि इस दिन सूर्योदय सुबह 6:13 बजे और सूर्यास्त शाम 6:38 बजे होगा। यह जानकारी उन लोगों के लिए अहम है जो शुभ कार्य, यात्रा या निवेश की योजना बना रहे हैं। सनातन परंपरा में पंचांग के आधार पर ही दिन की शुरुआत और निर्णय लिए जाते हैं, इसलिए आज के शुभ-अशुभ समय को समझना बेहद जरूरी है।
इस दिन त्रयोदशी तिथि सुबह 6:55 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी शुरू हो जाएगी, लेकिन उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन त्रयोदशी ही मान्य होगी। नक्षत्र और योग के कारण आज कई कार्यों के लिए अनुकूल समय बन रहा है।
31 मार्च 2026: तिथि, नक्षत्र और योग की पूरी जानकारी
आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 3:20 बजे तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा।
गण्ड योग शाम 3:41 बजे तक रहेगा, जो कुछ कार्यों में सावधानी बरतने का संकेत देता है। वहीं करण तैतिल सुबह 6:55 बजे तक रहेगा।
यह संयोग दर्शाता है कि दिन के शुरुआती और मध्य भाग में सावधानी के साथ योजना बनाना फायदेमंद रहेगा।
रवि योग और अमृत काल: क्यों है आज का दिन खास?
31 मार्च को रवि योग का बनना सबसे बड़ा आकर्षण है। यह योग अशुभ प्रभावों को कम करता है और कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ाता है।
अमृत काल सुबह 8:48 बजे से 10:26 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्य लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।
इस फैसले से लोगों को राहत मिल सकती है, खासकर वे लोग जो नए काम, निवेश या शुभ कार्य शुरू करना चाहते हैं।
अभिजित मुहूर्त भी आज उपलब्ध है, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है।
आज के शुभ मुहूर्त: कब करें जरूरी काम?
दिनभर में कई ऐसे समय हैं जब आप बिना संकोच महत्वपूर्ण कार्य शुरू कर सकते हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 – 5:26
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:01 – 12:50
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 – 3:19
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:37 – 7:00
- अमृत काल: सुबह 8:48 – 10:26
इन मुहूर्तों में पूजा, निवेश, इंटरव्यू, नई शुरुआत या यात्रा करना शुभ माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय: किन घंटों में रहें सतर्क?
जहां शुभ समय लाभ देता है, वहीं अशुभ समय में सावधानी जरूरी होती है।
- राहुकाल: दोपहर 3:32 – 5:05
- यमगंड: सुबह 9:19 – 10:52
- गुलिक काल: दोपहर 12:25 – 1:59
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:42 – 9:31
इन समयों में नया काम शुरू करने या यात्रा से बचना बेहतर रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि राहुकाल में किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं, इसलिए इसे टालना ही समझदारी है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
आज का दिन खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो लंबे समय से किसी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत का इंतजार कर रहे थे।
रवि योग और अमृत काल के कारण सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रहेगा।
- नौकरी से जुड़े फैसले लेने के लिए अच्छा समय
- बिजनेस डील या निवेश के लिए अनुकूल दिन
- धार्मिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना
इस फैसले से लोगों को बड़ा फायदा मिल सकता है, खासकर वे लोग जो सही समय का इंतजार कर रहे थे।
दिन का सार: क्या करें और क्या न करें?
क्या करें:
- शुभ मुहूर्त में नए काम शुरू करें
- पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्य करें
- निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लें
क्या न करें:
- राहुकाल में यात्रा या नया काम शुरू न करें
- जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें
- अशुभ समय में जोखिम भरे कार्य टालें
Source: धार्मिक पंचांग आधारित जानकारी