पटना में चल रहे तेज प्रताप-ऐश्वर्या तलाक केस में एक बार फिर सुलह की कोशिश नाकाम रही। मंगलवार को फैमिली कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकील मौजूद रहे, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। क्या हुआ, कब हुआ, कहां सुनवाई हुई, कौन शामिल था, क्यों समझौता नहीं हो पाया और आगे कैसे बढ़ेगा मामला—इन सभी सवालों के बीच तेज प्रताप-ऐश्वर्या तलाक केस अब 17 मार्च की अगली तारीख पर टिका है।
यह मामला लंबे समय से सुर्खियों में है और राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा बनी हुई है।
फैमिली कोर्ट में फिर नाकाम रही सुलह
फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय के समक्ष तीसरी बार समझौते की कोशिश की गई।
दोनों पक्षों के वकील अदालत में उपस्थित थे।
हालांकि बातचीत के बावजूद कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 मार्च की तारीख तय कर दी है।
दिल्ली में हैं तेज प्रताप
मिली जानकारी के अनुसार तेज प्रताप फिलहाल दिल्ली में हैं।
उनके वकील ने अदालत को बताया कि उनके पिता की तबीयत ठीक नहीं है, जिसके कारण वे दिल्ली गए हैं।
अदालत ने दोनों पक्षों को अगली तारीख पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
इस घटनाक्रम ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
हाईकोर्ट ने दखल से किया इनकार
इससे पहले मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा था।
हाईकोर्ट ने ऐश्वर्या राय की रिव्यू पिटीशन खारिज कर दी थी।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वह इस विवाद में हस्तक्षेप नहीं करेगा और दोनों पक्ष मध्यस्थता प्रक्रिया में सहयोग करें।
अब पूरा मामला फिर से फैमिली कोर्ट के दायरे में है।
अनुष्का यादव का नाम क्यों चर्चा में?
हाल के दिनों में तेज प्रताप का नाम अनुष्का यादव से जोड़े जाने की खबरें सामने आईं।
चर्चा है कि उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया है, हालांकि तेज प्रताप ने इन दावों से इनकार किया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वैवाहिक संबंध के दौरान दूसरा संबंध साबित होता है, तो यह हिंदू मैरिज एक्ट के तहत गंभीर मुद्दा बन सकता है।
फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्यों हाईप्रोफाइल है मामला?
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में रहता है क्योंकि दोनों परिवार राजनीति से जुड़े हैं।
तेज प्रताप, बिहार के वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बेटे हैं।
वहीं ऐश्वर्या, पूर्व मंत्री चंद्रिका राय की बेटी और पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय की पोती हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण हर सुनवाई पर मीडिया और जनता की नजर रहती है।
शादी से विवाद तक का सफर
तेज प्रताप और ऐश्वर्या की शादी 12 मई 2018 को हुई थी।
शादी के लगभग एक साल बाद 2019 में विवाद सार्वजनिक हुआ।
ऐश्वर्या ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया।
समय के साथ यह विवाद तलाक याचिका तक पहुंच गया।
आगे क्या होगा?
अब अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
अदालत यह देखेगी कि क्या दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचते हैं या मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि सुलह की संभावना खत्म होती है, तो कोर्ट साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर निर्णय की दिशा में आगे बढ़ेगा।
आम लोगों पर क्या असर?
यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि सार्वजनिक चर्चा का विषय बन चुका है।
इस फैसले से लोगों को यह संदेश जाता है कि कानून के दायरे में हर व्यक्ति समान है, चाहे वह किसी भी राजनीतिक परिवार से क्यों न जुड़ा हो।
साथ ही, यह केस वैवाहिक विवादों में कानूनी प्रक्रिया और मध्यस्थता की भूमिका को भी सामने लाता है।
निष्कर्ष
तेज प्रताप-ऐश्वर्या तलाक केस में सुलह की कोशिशें फिलहाल नाकाम रही हैं।
अब सबकी नजर 17 मार्च की तारीख पर टिकी है।
क्या दोनों पक्ष समझौते की राह चुनेंगे या अदालत अंतिम निर्णय की ओर बढ़ेगी—इसका जवाब आने वाली सुनवाई में मिलेगा।
Source: फैमिली कोर्ट कार्यवाही और कानूनी सूत्र
