पटना के एक निजी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में CBI ने रेप-हत्या का केस दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है। बिहार सरकार की सिफारिश के 12 दिन बाद केंद्रीय एजेंसी की एंट्री हुई है। फोरेंसिक रिपोर्ट में 25 संदिग्धों का DNA मैच नहीं होने से जांच नई दिशा में बढ़ी है।
CBI की एंट्री, 7एस-26 के तहत केस दर्ज
बिहार सरकार ने 31 जनवरी को CBI जांच की सिफारिश की थी। अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामला दर्ज कर आधिकारिक तौर पर जांच शुरू कर दी है।
CBI टीम बिहार पुलिस और SIT द्वारा अब तक जुटाए गए सभी दस्तावेज, साक्ष्य और केस डायरी अपने कब्जे में लेगी। इससे जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
SIT को नहीं मिली ठोस सफलता
इससे पहले गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को मामले में निर्णायक सफलता नहीं मिली।
- 25 संदिग्धों (गार्ड, मकान मालिक, हॉस्टल स्टाफ और क्लासमेट) के DNA सैंपल लिए गए
- मौके से मिले ह्यूमन स्पर्म (छात्रा के कपड़ों से) से किसी का DNA मैच नहीं हुआ
- अब 10 अन्य लोगों के DNA सैंपल की जांच की बात सामने आई है
फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद जांच की दिशा बदल गई है।
जांच की नई दिशा
पुलिस सूत्रों का मानना है कि यदि बाहरी लोगों का DNA मैच नहीं कर रहा है, तो आरोपी कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है जिस पर छात्रा ने भरोसा किया हो और जिसके लिए उसने स्वयं कमरा खोला हो।
CBI अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल साक्ष्य, CCTV फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
परिवार और स्थानीय लोगों की मांग
मामले को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिवार ने निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। CBI जांच शुरू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सच्चाई जल्द सामने आएगी।
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Reporter: Ajit Kumar, Patna
