पटना में पूर्व IPS अमिताभ दास हिरासत में, ऐसी-ऐसी धाराएं जिनसे छुटकारा बहुत मुश्किल

पटना में पूर्व आईपीएस अधिकारी Amitabh Das को पुलिस ने छापेमारी के बाद हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई जहानाबाद की एक नाबालिग छात्रा से जुड़े संवेदनशील मामले पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज प्राथमिकी के बाद की गई। पुलिस का कहना है कि संबंधित पोस्ट के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई।


पटना पुलिस ने पूर्व IPS अमिताभ दास को सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक पोस्ट डालने के आरोप में हिरासत में लिया। मामला POCSO एक्ट से जुड़ा है। पुलिस ने उनके आवास से डिजिटल साक्ष्य जब्त कर जांच शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।


क्या है पूरा मामला?

राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना में दर्ज कांड संख्या 44/2026 के तहत पूर्व आईपीएस अमिताभ दास पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे X, YouTube, Instagram और Facebook पर पोस्ट किए गए वीडियो और संदेशों के जरिए मामले से जुड़ी जांच को प्रभावित करने और सार्वजनिक भावना भड़काने का प्रयास किया गया।

शुक्रवार को चित्रगुप्त नगर थाना की टीम ने पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित उनके आवास पर छापेमारी की। इस दौरान तीन थानों की पुलिस मौजूद रही। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए।


POCSO एक्ट से जुड़ा मामला

एफआईआर में उल्लेख है कि मामला Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO Act, 2012) से संबंधित है। यह कानून बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से निपटने के लिए बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां और वीडियो इस संवेदनशील कानून के तहत चल रही जांच को प्रभावित कर सकते थे।


किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?

एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और POCSO एक्ट की धारा 22(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपों में सरकारी कार्य में बाधा, न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करना और जांच में हस्तक्षेप जैसे बिंदु शामिल हैं।

इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।


छापेमारी के दौरान क्या हुआ?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अमिताभ दास की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली, जिसके बाद मेडिकल टीम को बुलाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए ले जाया गया।

पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जाएगी और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों की भी समीक्षा की जा रही है।


क्या आया कोई बयान?

अब तक अमिताभ दास की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामला फिलहाल न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया में है। आगे की सुनवाई में ही स्पष्ट होगा कि किन धाराओं में आरोप तय होंगे।


आगे क्या?

जांच पूरी होने के बाद पुलिस आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल करेगी। इसके बाद न्यायालय में सुनवाई शुरू होगी। चूंकि मामला POCSO एक्ट से जुड़ा है, इसलिए इसे संवेदनशील श्रेणी में रखा जा रहा है।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जा रही है।


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डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक पुलिस जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की अंतिम सत्यता न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।

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