स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली।
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने अमेरिका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में कप्तान सूर्यकुमार यादव की नाबाद 84 रन की पारी की जमकर सराहना की है। गंभीर ने इस पारी को दबाव में खेली गई एक “मास्टरक्लास” बताया है। टी-20 विश्व कप में भारत के पहले मुकाबले में यह पारी टीम के लिए निर्णायक साबित हुई और भारत को हार से बचाते हुए जीत दिलाई।
मुश्किल हालात में सूर्या की जिम्मेदार पारी
मैच के दौरान भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टॉप ऑर्डर जल्दी पवेलियन लौट गया, जिससे टीम दबाव में आ गई। ऐसे समय में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संयम दिखाया और अंत तक डटे रहते हुए टीम को 162 रन तक पहुंचाया। उनकी यह पारी भारत की जीत की नींव बनी।
गौतम गंभीर बोले – यह एक मास्टरक्लास थी
टीम इंडिया द्वारा साझा किए गए वीडियो में कोच गौतम गंभीर ने कहा कि इस तरह के दबाव में खेली गई पारियां किसी भी बल्लेबाज की मानसिक मजबूती को दिखाती हैं।
गंभीर के मुताबिक, हालात जिस तरह के थे, उसमें सूर्या का शांत रहना और मैच को संभालना काबिले-तारीफ था। उन्होंने इसे टूर्नामेंट की शुरुआत में खेलने के लिहाज से एक आदर्श पारी बताया।
जीत पर बोले सूर्या – यह हमारे लिए सीख थी
मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ दोनों के लिए बेहद खास रही।
उन्होंने माना कि पहले मैच में थोड़ी घबराहट स्वाभाविक थी, लेकिन टीम ने मुश्किल वक्त में मैदान पर मजबूत चरित्र दिखाया। सूर्या ने कहा कि विकेट बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं था, इसलिए टिककर खेलना जरूरी था।
वानखेड़े में कप्तानी करना मेरे लिए खास रहा: सूर्या
अपने होम ग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में टीम इंडिया की कप्तानी करने के अनुभव को लेकर सूर्यकुमार यादव ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास था।
उन्होंने शानदार माहौल के लिए दर्शकों को श्रेय देते हुए कहा कि वानखेड़े में खेलना हमेशा अलग ही एहसास देता है।
सूर्या ने कहा कि जब वह कप्तान के तौर पर मैदान पर उतरे, तो उन्हें पहले से अंदाजा था कि स्टेडियम का माहौल जबरदस्त होगा, और दर्शकों ने उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए टीम का जोरदार समर्थन किया।
टीम इंडिया को मिला आत्मविश्वास
इस जीत के साथ भारत ने टी-20 विश्व कप में अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की है। कप्तान की यह पारी न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर असरदार रही, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई पर ले गई।
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि ऐसे दबाव भरे मुकाबलों में कप्तान की भूमिका टीम की दिशा तय करती है।
