'तेजस्वी यादव का भ्रष्टाचार पर बोलना शेर के शाकाहारी होने जैसा', प्रशांत किशोर ने चुनावी नतीजों पर साधा निशाना
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुजफ्फरपुर में ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ की शुरुआत की। उन्होंने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बिहार में वोट पैसे और भावनाओं के आधार पर प्रभावित हुए। साथ ही राजद और तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला।
मुजफ्फरपुर से नई रणनीति का ऐलान
Prashant Kishor ने बिहार की राजनीति में सक्रियता बढ़ाते हुए ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ का आगाज किया है। मुजफ्फरपुर में आयोजित बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि चुनावी नतीजे चाहे जैसे हों, जन सुराज की लड़ाई जनता के मुद्दों पर जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि जन सुराज सड़क से लेकर गांव-गांव तक लोगों के बीच अपनी बात रखेगा और संगठन को मजबूत करेगा।
चुनाव परिणामों पर तीखा हमला
चुनावी नतीजों और वोटिंग पैटर्न पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार की जनता के वोट को पैसों और भावनात्मक मुद्दों के जरिए प्रभावित किया गया।
उन्होंने कहा, “जनता को तय करना था कि उन्हें ‘सोने का अंडा देने वाली मुर्गी’ चाहिए या ‘एक बार में मुर्गी’।”
पीके ने दावा किया कि जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाकर पाकिस्तान और चीन जैसे विषयों का डर दिखाया गया, जिससे मतदाता भ्रमित हुए। उनके अनुसार अब जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
तेजस्वी यादव पर करारा प्रहार
राजद और उसके नेता Tejashwi Yadav पर भी प्रशांत किशोर ने सीधा हमला बोला। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तेजस्वी के बयानों को लेकर उन्होंने तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव के मुंह से भ्रष्टाचार विरोधी बातें सुनना वैसा ही है जैसे कोई शेर उपदेश दे कि सबको शाकाहारी हो जाना चाहिए।”
पीके ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार राजद नेतृत्व के पास नहीं है।
समितियों का होगा पुनर्गठन
प्रशांत किशोर ने संगठनात्मक रणनीति साझा करते हुए बताया कि भंग की गई सभी समितियों का समन्वय कर पुनर्गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता ने सभी दलों की भूमिका तय कर दी है—
- एनडीए सत्ता में है
- राजद विपक्ष में है
- और जन सुराज जनता के बीच अपनी भूमिका निभाएगा
उन्होंने यह भी कहा कि अगर जन सुराज को मौका मिला होता तो सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 2000 से 3000 रुपये तक बढ़ाई जा सकती थी।
आगे की राह
प्रशांत किशोर ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में जन सुराज गांव-गांव जाकर जनसंवाद कार्यक्रम चलाएगा। उनका कहना है कि अगले पांच वर्षों तक चुनी हुई सरकार काम करेगी, लेकिन जन सुराज जनता को जागरूक करने और वैकल्पिक राजनीति का विकल्प तैयार करने में जुटा रहेगा।
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