बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार बुधवार को अपने परिवार के साथ पवित्र नगरी वृंदावन पहुंचे। यह यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूरी तरह धार्मिक और निजी थी। लेकिन इस दौरे की चर्चा उनकी सादगी, शांत स्वभाव और बेहद सामान्य व्यवहार को लेकर हर जगह हो रही है।
वृंदावन की संकरी गलियों में निशांत कुमार को ई-रिक्शा से सफर करते, पैदल घूमते और मंदिरों में दर्शन-पूजन करते देखा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनके साथ न कोई वीआईपी तामझाम था और न ही सुरक्षा कर्मियों का काफिला। स्थानीय लोगों ने पहली बार किसी मुख्यमंत्री के बेटे को इतने साधारण तरीके से घूमते देखा।
आम श्रद्धालु की तरह दिखे निशांत कुमार
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में निशांत कुमार मंदिरों में दर्शन करते, गलियों में टहलते और जलाशयों के किनारे शांत समय बिताते नजर आ रहे हैं। उनका पहनावा, व्यवहार और चाल-ढाल बिल्कुल एक आम श्रद्धालु जैसी थी। लोगों का कहना है कि उनमें किसी तरह का दिखावा या सत्ता का अहसास नहीं दिखा।
राजनीति से दूरी, सादगी बनी पहचान
निशांत कुमार आम तौर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक मंचों से दूरी बनाए रखते हैं। बिहार की राजनीति में उनका नाम समय-समय पर चर्चा में जरूर आता है, लेकिन वे हमेशा यह स्पष्ट करते रहे हैं कि उन्हें सक्रिय राजनीति में कोई रुचि नहीं है। वे एक शांत और निजी जीवन जीना पसंद करते हैं।
तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया
राजद नेता तेज प्रताप यादव ने भी निशांत कुमार की वृंदावन यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों की यात्रा से व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार आता है और निशांत कुमार ने अब इसकी शुरुआत की है।
शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि
20 जुलाई 1975 को जन्मे निशांत कुमार इस साल 50 वर्ष के हो जाएंगे। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी दिवंगत पत्नी मंजू सिन्हा के इकलौते पुत्र हैं। मंजू सिन्हा शिक्षिका थीं और उनका निधन वर्ष 2007 में हुआ था।
निशांत कुमार ने पटना के सेंट कैरन स्कूल और मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की।

