बिहार में बिहार मैट्रिक परीक्षा मंगलवार से शुरू हुई, लेकिन पहले ही दिन सिवान के एक केंद्र से फेसबुक लाइव का वीडियो वायरल हो गया। दारौंदा प्रखंड के गोरखनाथ आईटीआई परीक्षा केंद्र का बताया जा रहा यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। बिहार मैट्रिक परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित हैं, ऐसे में यह मामला सुरक्षा और गोपनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो किसने बनाया, कब बनाया और कैसे पोस्ट हुआ—इन सभी बिंदुओं की जांच चल रही है।
गोरखनाथ आईटीआई केंद्र का वीडियो चर्चा में
वायरल वीडियो सिवान जिले के दारौंदा स्थित गोरखनाथ आईटीआई परीक्षा केंद्र का बताया जा रहा है।
जिस सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो पोस्ट हुआ था, उसे कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई।
परीक्षा में सख्ती के बावजूद कैसे हुई चूक?
बिहार मैट्रिक परीक्षा में नकल रोकने के लिए इस बार कड़े इंतजाम किए गए हैं।
जूता-मोजा तक पहनकर प्रवेश पर रोक है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी, वीडियोग्राफी, दंडाधिकारी और सशस्त्र बल तैनात हैं।
इसके बावजूद फेसबुक लाइव का मामला सामने आना बड़ी चूक माना जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि वीडियो परीक्षा शुरू होने से पहले बनाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, यह भी संभावना है कि वीडियो किसी परीक्षार्थी ने नहीं बल्कि संस्थान के किसी अधिकारी ने बनाया हो।
गोपनीयता नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख
परीक्षा केंद्र के अंदर से किसी भी तरह की रिकॉर्डिंग नियमों के खिलाफ है।
इसे गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन माना जाता है।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि यदि जांच में लापरवाही या जानबूझकर की गई गलती सामने आती है तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
इस फैसले से लोगों को यह संदेश देने की कोशिश है कि परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगा।
लेट पहुंचने वाले छात्रों की भी चर्चा
दूसरी ओर, राज्य के कई जिलों से परीक्षा केंद्र देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों की खबरें भी सामने आईं।
कुछ छात्रों ने दीवार फांदकर अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
समय पर नहीं पहुंचने के कारण कई छात्रों को प्रवेश नहीं मिला।
यह स्थिति छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बनी रही।
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
केंद्र पर तैनात कर्मियों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ हो रही है।
वीडियो की सत्यता, समय और परिस्थितियों का तकनीकी विश्लेषण भी किया जाएगा।
यदि किसी स्तर पर लापरवाही सिद्ध होती है, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों पर असर
बिहार मैट्रिक परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है।
ऐसे में परीक्षा केंद्र से फेसबुक लाइव का मामला सामने आना अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा रहा है।
कई लोग सोशल मीडिया पर परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
हालांकि प्रशासन का दावा है कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह चर्चा तेज कर दी है कि डिजिटल दौर में परीक्षा गोपनीयता को कैसे और मजबूत किया जाए।
आगे क्या होगा?
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया।
प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
फिलहाल, परीक्षा प्रक्रिया जारी है और सभी केंद्रों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग इस मामले को उदाहरण बनाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की तैयारी में हैं।
Source: जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी
