पटना/नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने UGC रेगुलेशन 2026 पर गुरुवार को अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक यूजीसी रेगुलेशन 2012 ही लागू रहेगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे सनातन मूल्यों की रक्षा से जोड़ा।
गिरिराज सिंह बोले— सनातन को बांटने वाला था यूजीसी का नया नियम
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा,
“सनातन को बांटने वाले यूजीसी के नियम पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने पर हार्दिक आभार। यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार की पहचान सबका साथ, सबका विकास और सनातन की अखंड एकता है।”
पीएम मोदी ने कभी भेदभाव नहीं किया: गिरिराज सिंह
मीडिया से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी ने देश में कभी भेदभाव नहीं किया। ईडब्ल्यूएस आरक्षण भी प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने ही दिया। हम भारतवंशियों के लिए काम करते हैं।”
जेडीयू का बयान— यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कहा कि यह पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने कहा,
“केंद्र सरकार अदालत में अपने हलफनामे के जरिए सभी तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखेगी।”
जाति आधारित भेदभाव न हो: रंजीत रंजन
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है और इस पर दोबारा विचार जरूरी है।
उन्होंने कहा,
“यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी छात्र के साथ जाति के आधार पर भेदभाव न हो।”
राम कृपाल यादव का समर्थन
केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति पर लगातार काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।”
