UGC Bill 2026 Protest in Patna:
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित UGC के नए कानून के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। राजधानी के प्रमुख चौराहे दिनकर गोलंबर पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में तख्तियां और पोस्टर थे, जिन पर लिखा था—
“मैं सवर्ण हूं, मुझे फांसी दो” और “UGC का काला कानून वापस लो”।
ABSU और सवर्ण एकता मंच के बैनर तले प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) और सवर्ण एकता मंच के बैनर तले आयोजित किया गया।
सुबह से ही छात्रों का जुटान शुरू हो गया था और कुछ ही घंटों में दिनकर गोलंबर पूरी तरह प्रदर्शनकारियों से भर गया। छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और UGC से जुड़े प्रस्तावित कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान आक्रोश उस वक्त और बढ़ गया, जब कुछ छात्रों ने:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर कालिख पोती
- गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर जलाकर विरोध जताया
इस घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया और किसी बड़ी अप्रिय घटना से बचाव किया गया।
छात्रों का आरोप: समाज को बांटने वाला कानून
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि प्रस्तावित UGC बिल समाज को बांटने वाला है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि:
- कानून में बिना ठोस गवाह और पुख्ता सबूत के कार्रवाई का प्रावधान है
- इससे निर्दोष लोगों को फंसाया जा सकता है
- कानून का दुरुपयोग होने की आशंका है
छात्रों ने साफ कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, किसी भी तरह की कार्रवाई जाति के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
‘वोट बैंक की राजनीति के लिए हो रहा टारगेट’
छात्र नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कानून राजनीतिक फायदे के लिए लाया जा रहा है।
उनका कहना है कि:
- समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है
- एक खास वर्ग को टारगेट किया जा रहा है
- लंबे समय से समर्थन देने वाले सवर्ण समाज को अब हाशिये पर धकेला जा रहा है
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे समाज में असंतोष और तनाव बढ़ रहा है।
मांगें नहीं मानी गईं तो तेज होगा आंदोलन
ABSU और सवर्ण एकता मंच के प्रतिनिधियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर इस बिल पर दोबारा विचार नहीं किया गया और आवश्यक संशोधन नहीं हुए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
छात्रों ने कहा:
- आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा
- लेकिन इसे राज्यव्यापी और व्यापक रूप दिया जाएगा
- सरकार को इस मुद्दे पर छात्रों से संवाद करना चाहिए
छात्रों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, विरोध जारी रहेगा।
