'और इंतजार नहीं करेगा बंगाल', सिंगूर से PM मोदी ने बताया क्यों राज्य के लिए जरूरी हैं केंद्रीय प्रोजेक्ट्स

 'और इंतजार नहीं करेगा बंगाल', सिंगूर से PM मोदी ने बताया क्यों राज्य के लिए जरूरी हैं केंद्रीय प्रोजेक्ट्स


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय पश्चिम बंगाल और असम दौरे का आज, 18 जनवरी 2026 को दूसरा और सबसे अहम दिन रहा। रविवार दोपहर करीब 3 बजे पीएम मोदी हुगली जिले के ऐतिहासिक सिंगूर पहुंचे। जहां उन्होंने बंगाल के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए ₹830 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

सिंगूर, जो कभी भूमि अधिग्रहण आंदोलन के कारण देश भर में चर्चा का केंद्र बना था, आज प्रधानमंत्री की उपस्थिति में विकास के एक नए अध्याय का साक्षी बना। इस दौरे के जरिए पीएम मोदी ने न केवल बंगाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का संदेश दिया, बल्कि हुगली की इस ऐतिहासिक धरती से आगामी चुनावी माहौल के बीच एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार 'विकसित पूर्वी भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए बंगाल के विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है।

विकास की नई इबारत, ₹830 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का तोहफा

सिंगूर में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर करोड़ों की विकास परियोजनाओं का आगाज किया। पीएम ने कहा कि ये योजनाएं बंगाल में रोजगार, व्यापार और बेहतर कनेक्टिविटी के द्वार खोलेंगी।

बलागढ़ पोर्ट गेट सिस्टम: पीएम मोदी ने बलागढ़ में 'एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम' की आधारशिला रखी। 900 एकड़ में फैला यह प्रोजेक्ट एक आधुनिक कार्गो टर्मिनल के रूप में विकसित होगा, जिससे कोलकाता शहर में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम होगा।

इलेक्ट्रिक कैटामरैन सेवा: कोलकाता में हुगली नदी पर चलने वाली अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कैटामरैन (Electric Catamaran) का शुभारंभ किया गया। यह 50 यात्रियों की क्षमता वाली हाइब्रिड नौका पर्यावरण अनुकूल जल परिवहन को बढ़ावा देगी।

नई रेल लाइन का उद्घाटन: जयरामबाती, बरोगोपीनाथपुर और मईनापुर के बीच नई रेल लाइन का उद्घाटन किया गया, जो तारकेश्वर-विष्णुपुर रेल परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

3 नई 'अमृत भारत एक्सप्रेस' को दिखाई हरी झंडी

आम आदमी के सफर को सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को रवाना किया। ये ट्रेनें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और कम किराए में लंबी दूरी का सफर तय करेंगी:

  • हावड़ा से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली)
  • सियालदह से बनारस (वाराणसी)
  • संतरागाछी से तांबरम (चेन्नई)

सिंगूर से सियासी संदेश, परिवर्तन की गूंज

विकास कार्यक्रमों के बाद पीएम मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सिंगूर की धरती के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने दशकों तक औद्योगिक ठहराव झेला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां केंद्र विकास के पैसे भेज रहा है, वहीं राज्य में 'लूट' का माहौल है। पीएम ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य बंगाल में उद्योगों को वापस लाना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देना है।

असम से कोलकाता तक का सफर

सिंगूर पहुंचने से पहले पीएम मोदी कोलकाता आए थे। वे शनिवार को असम में रुके थे, जहां उन्होंने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर (₹6,950 करोड़) की नींव रखी और दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी। इससे पहले शनिवार को उन्होंने मालदा में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को रवाना कर बंगाल के रेल नेटवर्क में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत की थी।

भाजपा पर जनता का बढ़ता विश्वास

जनसभा के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले डेढ़ साल में देश भर में भाजपा के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने हालिया चुनावी नतीजों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग अब 'तुष्टिकरण' के बजाय 'विकास' की राजनीति को चुन रहे हैं। सिंगूर का यह दौरा बंगाल की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि पीएम ने सीधे तौर पर बंगाल के औद्योगीकरण और सुशासन का मुद्दा उठाया है।

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