पटना। राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच के दौरान लिए गए 18 लोगों के डीएनए सैंपल में से किसी का भी मैच नहीं हो पाया है। सूत्रों के मुताबिक, डीएनए जांच रिपोर्ट अब जांच एजेंसियों को सौंप दी गई है।
इस बीच, इस मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) करेगी। बिहार सरकार पहले ही सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है।
18 लोगों के लिए गए थे DNA सैंपल
सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, उनमें—
- छात्रा के पिता
- छात्रा के मामा
- हॉस्टल संचालक का बेटा
- बिल्डिंग मालिक का बेटा
- अन्य संदिग्ध व्यक्ति
शामिल थे।
लेकिन जांच रिपोर्ट में किसी का भी डीएनए मैच नहीं होने की पुष्टि हुई है।
छात्रा के कपड़ों पर मेल स्पर्म की हुई थी पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर मेल स्पर्म (पुरुष वीर्य) मिलने की पुष्टि हुई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर छात्रा के साथ दुष्कर्म की आशंका और पुष्टि सामने आई थी।
इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए 18 लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए थे, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि किसी से भी मिलान नहीं हुआ।
सीएम नीतीश ने की CBI जांच की सिफारिश
शनिवार को बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी थी कि—
“बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने भारत सरकार से पटना में हुए NEET छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या-14/26) की CBI से जांच कराने का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन सुनिश्चित किया जाए।”
इसके बाद यह तय हो गया कि मामले की जांच अब CBI करेगी।
CBI जांच पर भी परिजनों ने जताई आपत्ति
छात्रा के परिजनों ने CBI जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का कहना है कि—
- उन्होंने CBI जांच की मांग नहीं की थी
- उनकी मांग न्यायिक जांच की थी
- वे चाहते हैं कि जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो
परिजनों का आरोप है कि बिहार पुलिस ने मामले में लीपापोती की और अब सबूत कमजोर होने के बाद केस CBI को सौंपा जा रहा है।
परिजनों ने DGP पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि—
- CBI वही करेगी जो DGP कहेंगे
- CBI का नाम लेकर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई
- SIT ने जो किया, वही CBI भी करेगी
परिजनों ने दो टूक कहा कि अब उन्हें CBI पर भी भरोसा नहीं रहा और उनकी मांग है कि—
“जो सबूत मिटाए गए हैं और जांच में जो खामियां रही हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में जांच होनी चाहिए।”
जांच पर टिकी सबकी नजर
DNA रिपोर्ट के इस नए खुलासे और CBI जांच की सिफारिश के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि—
- CBI जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है
- क्या नए सिरे से सबूत जुटाए जाते हैं
- और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है
