पटना:
पटना में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। छात्रा के कपड़ों पर मानवीय स्पर्म (Semen) मिलने की पुष्टि ने इस केस को आत्महत्या से हटाकर रेप और हत्या की दिशा में मोड़ दिया है। इस खुलासे ने बिहार पुलिस की शुरुआती सुसाइड थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
26 जनवरी 2026 को जब पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा था, उसी दिन पटना की सड़कों पर इस छात्रा के लिए न्याय की मांग और तेज हो गई। अब सवाल यही है—
वह गुमनाम चेहरा कौन है, जिसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया?
FSL रिपोर्ट से खुलासा, रेप की आशंका मजबूत
एफएसएल की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि मृतका की लेगिंग्स और अंडरगारमेंट्स पर मेल स्पर्म के निशान पाए गए हैं। यह रिपोर्ट उन आरोपों को मजबूती देती है, जो पीड़िता के माता-पिता पहले दिन से लगाते आ रहे थे कि उनकी बेटी के साथ यौन उत्पीड़न या सामूहिक बलात्कार हुआ है।
इस रिपोर्ट के बाद अब जांच पूरी तरह डीएनए प्रोफाइलिंग पर टिक गई है।
डीएनए मिलान की प्रक्रिया शुरू, पहले परिवार के सैंपल
सोमवार, 26 जनवरी को एफएसएल ने जांच के तहत पांच लोगों के डीएनए सैंपल लिए।
इनमें—
- मृतका के माता-पिता
- भाई
- दोनों मामा
शामिल हैं। सभी सैंपल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में लिए गए, इस दौरान SIT टीम भी मौजूद रही।
इन सैंपलों का मिलान मृतका के डीएनए से किया जाएगा। इसके बाद उन लोगों के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे, जिन पर एसआईटी को शक है।
कौन-कौन शक के घेरे में?
जांच एजेंसियों के अनुसार, अगला कदम संदिग्धों के डीएनए सैंपल लेना है। इनमें—
- गिरफ्तार मुख्य आरोपी
- हॉस्टल मालिक मनीष रंजन
- हॉस्टल के सभी पुरुष कर्मचारी
- छात्रा के संपर्क में आए करीबी लोग
- वह लोग, जो छात्रा को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले गए
शामिल हैं।
एफएसएल अब स्पर्म से प्राप्त डीएनए का मिलान इन सभी सैंपलों से करेगी, जिससे असली आरोपी की पहचान हो सके।
SIT के बाद CID की एंट्री क्यों?
शुरुआत में पटना पुलिस ने इस मामले को नींद की गोलियों के ओवरडोज और बीमारी से मौत बताने की कोशिश की थी।
लेकिन 16 जनवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में
- जबरन पैठ (Forceful Penetration)
- शरीर पर नाखून के निशान
मिलने के बाद सरकार को SIT गठित करनी पड़ी।
रविवार को CID और FSL की विशेष टीम ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल का दोबारा निरीक्षण किया।
टीम ने छात्रा के कमरे से
- डिजिटल सबूत
- निजी डायरी
बरामद की है।
लापरवाही पर गिरी निलंबन की गाज
मामले में लापरवाही के आरोप में—
- कदमकुआं थाना के अतिरिक्त थाना प्रभारी हेमंत झा
- चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी
को निलंबित कर दिया गया है।
AIIMS पटना ने जताई आपत्ति
एम्स पटना के मेडिकल बोर्ड ने शिकायत की है कि
SIT ने अब तक इलाज के पूरे कागजात और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी उपलब्ध नहीं कराई है,
जिसके बिना अंतिम मेडिकल राय देना संभव नहीं है।
सीबीआई जांच की मांग तेज
मामले की गंभीरता और शुरुआती पुलिस लापरवाही को देखते हुए सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।
- अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमां खान ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच पर विचार होगा।
- पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी सीबीआई जांच का समर्थन किया है।
- जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात कर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
- पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास ने कहा कि यह मामला बिहार पुलिस की क्षमता से बाहर है।
राजनीतिक और सामाजिक उबाल
घटना को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया।
छात्र संगठनों का कहना है कि जब राजधानी के पॉश इलाके में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरे प्रदेश की स्थिति चिंताजनक है।
परिजनों का आरोप है कि एक निजी अस्पताल के डॉक्टर भी मामले को दबाने की कोशिश में शामिल थे और शुरुआती इलाज के दौरान सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
अब सबकी नजर डीएनए रिपोर्ट पर
फिलहाल, पूरे राज्य की नजरें डीएनए मिलान रिपोर्ट पर टिकी हैं।
यही रिपोर्ट तय करेगी कि—
- छात्रा ने आत्महत्या की या
