अब जिले के भीतर शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े फैसले जिला स्थापना समिति द्वारा लिए जाएंगे।
अब जिले के भीतर शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े फैसले जिला स्थापना समिति द्वारा लिए जाएंगे। लंबे समय से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। यह समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी और जिला स्तर पर स्थानांतरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगी।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिला स्थापना समिति को न सिर्फ जिले के अंदर स्थानांतरण का अधिकार दिया गया है, बल्कि अंतर-जिला स्थानांतरण के मामलों में अनुशंसा करने और रिक्त पदों पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति शिक्षकों से संबंधित अन्य प्रशासनिक शिकायतों के निपटारे का भी काम करेगी।
संयुक्त सचिव द्वारा जारी निर्देश के तहत जिले में आठ सदस्यीय स्थापना समिति का गठन किया गया है। इस समिति में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग दोनों के अधिकारी शामिल होंगे। खास बात यह है कि प्रशासनिक स्तर से एक महिला अधिकारी की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
समिति को जिले के भीतर उपलब्ध रिक्त पदों की सीमा के अनुसार शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने का अधिकार होगा। साथ ही, स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण और आवश्यक अनुशंसा करने की जिम्मेदारी भी इसी समिति की होगी।
जिला स्थापना समिति की संरचना इस प्रकार होगी:
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जिलाधिकारी – अध्यक्ष
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उप विकास आयुक्त (डीडीसी) – सदस्य
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अपर जिलाधिकारी – सदस्य
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जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) – सदस्य सचिव
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जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) – सदस्य
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अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी से डीएम द्वारा नामित एक अधिकारी – सदस्य
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डीएम द्वारा नामित एक महिला अधिकारी – सदस्य
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अल्पसंख्यक श्रेणी से एक अधिकारी – सदस्य
नए प्रावधान के लागू होने से शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को जिला स्तर पर अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
