भारतीय रेलवे कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने जा रही है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत को जोड़ते हुए गुवाहाटी और कोलकाता (हावड़ा) के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) शुरू होने वाली है। 17 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हाई-स्पीड ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन न केवल यात्रा को आरामदायक बनाएगी, बल्कि सफर के समय में लगभग 3 घंटे की बचत भी करेगी।
ट्रेन का ढांचा और यात्री क्षमता कैसी होगी?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इन्हें 180 किमी प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार के अनुरूप तैयार किया गया है, जबकि नियमित परिचालन 130 किमी प्रति घंटा की गति से किया जाएगा। ट्रेन में कुल 823 बर्थ की व्यवस्था होगी, जिसमें
3 एसी (11 कोच): 611 बर्थ
2 एसी (4 कोच): 188 बर्थ
1 एसी (1 कोच): 24 बर्थ
अत्याधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा
उन्नत सुरक्षा प्रणाली: ट्रेन में ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट उपलब्ध होगी।
आरामदायक यात्रा: बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनोमिक बर्थ, शोर कम करने वाली तकनीक और ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे।
स्वच्छता और खान-पान: आधुनिक सैनिटेशन सिस्टम के साथ ऑनबोर्ड स्टाफ द्वारा स्थानीय स्वाद से भरपूर भोजन।
अपग्रेडेड बेडरोल: यात्रियों को उच्च गुणवत्ता के कंबल और एडवांस बेडरोल की सुविधा मिलेगी।
टिकट बुकिंग के सख्त और पारदर्शी नियम
रेलवे ने इस प्रीमियम ट्रेन के लिए टिकटिंग व्यवस्था को पूरी तरह नया रूप दिया है—
सिर्फ कंफर्म टिकट मान्य: केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकेंगे।
RAC और वेटिंग लिस्ट नहीं: बर्थ साझा करने की परेशानी खत्म, RAC और वेटिंग की अनुमति नहीं होगी।
कोई वीआईपी या पास सुविधा नहीं: वीआईपी, इमरजेंसी कोटा या रेल पास मान्य नहीं होंगे। यह पूरी तरह डिजिटल और फिक्स्ड बर्थ सिस्टम पर आधारित होगी।
रूट और संभावित किराया
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी से हावड़ा (कोलकाता) के बीच संचालित होगी। इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा अधिक हो सकता है। रेलवे ने न्यूनतम किराया 400 किलोमीटर की दूरी के आधार पर तय किया है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे में लग्जरी, सुरक्षा और तकनीक के नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। बिना वेटिंग, डिजिटल बुकिंग और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
